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Rajasthan में PFI के ठिकानों पर छापों के बाद मचा बवाल, एएनआई के खिलाफ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

राजस्थान में भी पांच शहरों में रेड कर कई संदिग्ध उठाए गए हैं और इनके विरोध में जयपुर समेत कई शहरों में प्रदर्शन किया जा रहा है। हांलाकि इस बीच संगठन से जुड़े कई बड़े नेता भूमिगत हो गए हैं। उनकी सर्च के लिए एनआईए लगातार प्रयासरत है।

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जयपुर
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर आज राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत देश के दस बड़े राज्यों में मुस्लिम संगठन पीएफआई के ठिकानों पर छापे मारे गए हैं। इस छापेमारी में अब तक देश भर से 106 संदिग्धों को अरेस्ट किया गया है। लेकिन इन गिरफ्तारियों के बाद बवाल मचना शुरु हो हो गया। अब संगठन ने देश भर में प्रदर्शन शुर कर दिए हैं एनआईए के खिलाफ। राजस्थान में भी पांच शहरों में रेड कर कई संदिग्ध उठाए गए हैं और इनके विरोध में जयपुर समेत कई शहरों में प्रदर्शन किया जा रहा है। हांलाकि इस बीच संगठन से जुड़े कई बड़े नेता भूमिगत हो गए हैं। उनकी सर्च के लिए एनआईए लगातार प्रयासरत है।

जयपुर में प्रदेश स्तरीय कार्यालय में मारा छापा
राजस्थान में इन पांच शहरों में एक साथ रेड की है एनआईए नेए लोकल पुलिस को रखा अलग
राजस्थान के पांच शहरों में भी एनआईन से देर रात से आज सवेरे तक रेड की है। जयपुर में एमडी रोड पर स्थित प्रदेश स्तरीय कार्यालय पर भी आज सवेरे एनआईन की रेड है। जयपुर के अलावा कोटाए बांराए अजमेर और उदयुपर में भी रेड करने की सूचनाए हैं। कोटा और बांरा में तो देर रात यह रेड की गई है। बताया जा रहा है कि इस रेड में प्रतिबंधित साहित्य और अन्य सामान भी मिला है। बताया जा रहा है कि इस रेड में ईडी के अफसर भी साथ हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि इस रेड से लोकल पुलिस को दूर रखा गया है। सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही यह रेड की जा रही है। जयपुर पुलिस को इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।

देश के 24 राज्यों तक जड़ें फैल चुकी हैं पीएफआई कीए मददगार बताता है खुद को ये संगठन
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया या पीएफआई एक इस्लामिक संगठन है। ये संगठन अपने को पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हक में आवाज उठाने वाला बताता है। संगठन की स्थापना 2006 में नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट के उत्तराधिकारी के रूप में हुई। संगठन की जड़े केरल के कालीकट में गहरी हैं। फिलहाल इसका मुख्यालय दिल्ली के शाहीन बाग में बताया जा रहा है। शाहीन बाग वो इलाका है जहां पर सीएए और एनआरसी के विरोध में पूरे देश में 100 दिन तक सबसे लंबा आंदोलन चला था। एक मुस्लिम संगठन होने के कारण इस संगठन की ज्यादातर गतिविधियां मुस्लिमों के इर्द गिर्द ही घूमती हैं। कई ऐसे मौके ऐसे भी आए हैं जब इस संगठन से जुड़े लोग मुस्लिम आरक्षण के लिए सड़कों पर आए हैं। संगठन 2006 में उस समय सुर्ख़ियों में आया था जब दिल्ली के रामलीला मैदान में इनकी तरफ से नेशनल पॉलिटिकल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। तब लोगों की एक बड़ी संख्या ने इस कांफ्रेंस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। फिलहाल इसकी जड़ें भारत के 24 राज्यों तक फैल गई हैं।