
जयपुर. प्रदेश के फार्मासिस्ट के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अब अपने लाइसेंस रिनुअल और नए फार्मासिस्टों को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए लंबा चक्कर लगाकर जयपुर स्थित राजस्थान फार्मेसी काउंसिल नहीं आना पड़ेगा। बस एक क्लिक पर ही फार्मासिस्टों के सारे काम आसानी से हो सकेंगे। राजस्थान फार्मेसी काउंसिल ने हाल में ऑनलाइन फीस जमा करवाने की व्यवस्था की है। इससे बरसों से चली आ रही डिमांड ड्राफ्ट की पुरानी परिपाठी में बदलाव हुआ है।
काउंसिल से मिली जानकारी के अनुसार पहले रजिस्टे्रशन और लाइसेंस रिनुअल के लिए पहले डिमांड ड्राफ्ट से फीस ली जाती थी। इस प्रक्रिया में कई बार काफी समय लगता था और ड्राफ्ट डाक से खोने का डर रहता था। लेकिन अब ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से फार्मासिस्ट प्रदेश में कहीं पर भी बैठकर शुल्क जमा करवा सकता है। साथ ही खुद फीस जनरेट कर सकता है।
यह हुआ फायदा-
काउंसिल के उपाध्यक्ष महावीर सोगानी ने बताया कि प्रदेश में करीब 54 हजार फार्मासिस्ट हैं और हर साल एक हजार नए रजिस्टे्रशन होते हैं। जो फार्मासिस्ट डाक से शुल्क नहीं भेजते वे खुद काउंसिल ऑफिस आकर जमा करवाते हैं। ऐसे में काफी संख्या में फार्मासिस्ट दूर-दराज के जिलों से यहां आते हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऑनलाइन प्रक्रिया होने से सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले फार्मासिस्टों को फायदा होगा।
सुधरा काउंसिल का ढर्रा
राजस्थान फार्मेसी काउंसिल का ढर्रा अब सुधरने लगा है। काउंसिल अध्यक्ष ने अपने यहां काम करने वाले स्टाफ की यूनिफार्म तय की है। अब स्टाफ यूनिफार्म में ही दिखाई देंगे। साथ ही स्टाफ की पर्सनेलिटी गू्रमिंग के लिए मोटिवेशनल टॉक का आयोजन किया जा रहा है, ताकि कार्यालय में आने वाले फार्मासिस्ट के साथ सही आचरण करें।
हेल्पलाइन नंबर पर होगा तुरंत निस्तारण-
काउंसिल में हेल्प लाइन नंबर भी शुरू किया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर प्रदेश भर के फार्मासिस्ट ऑनलाइन फार्म भरने, फीस संबंधी आदि की समस्याओं का 24 घटें में निस्तारण किया जाएगा। साथ ही शिकायतकर्ता को उसकी समस्या का निस्तारण होने पर सूचित भी किया जाएगा। इसके अलावा फार्मासिस्टों के लिए जल्द ही लाइब्रेरी भी बनेगी, जिसमें वे रेफरेंस के लिए यहां आकर पढ़ सकते हैं।
दवा की दुकान पर फार्मासिस्टों को पहनना होगा एप्रिन
काउंसिल ने ड्रग स्टोर पर फार्मासिस्टों की पहचान के लिए सफेद एप्रिन पहनने के आदेश दिए हैं। एप्रिन पर नाम और रजिस्टे्रशन नंबर लिखवाना अनिवार्य होगा। साथ ही फार्मासिस्ट दवा देने के साथ दवा की डोज, साइड इफेक्ट, इसके अलावा कब-कब दवा लेनी है। यह सब दवा लेने आने वाले मरीज और परिजनों को बताना होगा।
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फार्मासिस्ट के साथ मरीजों को सुविधा देने की ये कोशिश है। ऑनलाइन फीस जमा होने के साथ हेल्पलाइन नम्बर पर फार्मासिस्ट की सभी परेशानियों का तुरन्त निस्तारण होगा। फार्मासिस्ट दवा की विस्तार से जानकारी मरीज व परिजनों को दें, इसका भी इन्तजाम किया है।
-डॉ. ईश मुंजाल, अध्यक्ष, राजस्थान फार्मेसी काउंसिल
Published on:
23 Feb 2020 04:15 pm
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