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जयपुर शहर में शिप्रापथ इलाके में लाखों लीटर पानी बह गया द्रव्यवती नदी में—जयपुर में पीएचईडी इंजीनियरों की मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

पीएचईडी इंजीनियर बोले—ट्रकों ने पहले भी तोड़ दिया लाइन को,अब सुबह कराएंगे दुरुस्तमॉल के निर्माणकर्ता ठेकेदार के खिलाफ नहीं की कोई कार्रवाईमहंगा पानी नदी में बहता देख वाहन चालकों ने दी पत्रिका को सूचनामौके पर नदी में बहता मिला महंगा और स्वच्छ पानी

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WATER SUPPLY : ट्यूबवैल खोदते बीसलपुर लाइन में छेद

WATER SUPPLY : ट्यूबवैल खोदते बीसलपुर लाइन में छेद

जयपुर।
जयपुर शहर में इंजीनियर्स के ट्रांसफर पोस्टिंग में नेताओं के डिजायर सिस्टम ने जयपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को गर्त में पहुंचा दिया है। स्थिति ऐसी है कि आए दिन शहर में बीसलपुर सिस्टम की पेयजल लाइनें टूट रही हैं लेकिन" डिजायर सिस्टम" से शहर में फील्ड पोस्टिंग लेकर बैठे फील्ड इंजीनियर्स बैखौफ लंबी तान कर सो रहे हैं। शिप्रापथ क्षेत्र में निर्माणाधीन मॉल के लिए रात के अंधेरे में रोडी और बजरी लेकर आ रहे भारी भरकम ट्रकों ने शुक्रवार रात को बीसलपुर सिस्टम की तीन इंच की पेयजल लाइन को तोड़ दिया। शनिवार को पूरे दिन बीसलपुर सिस्टम का लाखों लीटर महंगा पानी पास से ही गुजर रही द्रव्यवती नदी में बहता रहा। वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने पानी की इस तरह बर्बादी देख पत्रिका को फोन किया तो संवाददाता ने मौके पर जाकर जानकारी जुटाई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शुक्रवार की रात मॉल के लिए रोड़ी और बजरी ला रहे ट्रकों ने इस पेयजल लाइन को तोड़ दिया। लाइन टूटते ही फव्वारा फट और पानी सड़क पर बहना शुरू हुआ। शनिवार शाम तक लाखों लीटर पानी द्रव्यवती नदी में बह कर बर्बाद होता रहा। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के पीएचईडी इंजीनियरों को सूचना दी लेकिन एक ही जबाव मिला कि कल देखेंगे। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस क्षेत्र में वैसे ही लोग एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। लेकिन पानी की इतनी बड़ी बर्बादी पर जलदाय इंजीनियरों की चुप्पी समझ से परे है।

पानी की इतनी बड़ी बर्बादी पर उठे सवाल
लाइन दो बार तोड़ी गई तो मॉल का निर्माण कर रहे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाही क्यों नहीं की
लाइन की मरम्मत का खर्चा विभाग ने क्यों उठाया
लाइन पहले भी टूटी तो फिर मरम्मत की पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं की
लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया लेकिन इंजीनियरों को पता क्यों नहीं लगा
संबधित एक्सीईएन,एईएन और जेईएन के खिलाफ कारवाई क्यों नहीं हुई

वर्जन
निर्माणाधीन मॉल के पास ट्रकों के वजन से पहले भी यह लाइन टूटी थी। जिसे सूचना मिलते ही तत्काल दुरुस्त कर दिया गया और पेयजल सप्लाई बहाल कर दी थी। अब रविवार को सुबह फिर से टूटी लाइन की पुख्ता तरीके से मरम्मत करेंगे जिससे लाइन फिर से नहीं टूटे।
एनके वर्मा
अधिशाषी अभियंता—सांगानेर