
जयपुर.
प्रदेश के बडे शहरों की तरह ही छोटे शहरों में भी पेयजल व्यवस्था मजबूत हो इसके लिए मुख्य सचिव उषा शर्मा इस पर खास फोकस कर रही हैं। उन्होंने केंद्रीय सहायता के अनुपात में अमृत-2 के तहत 178 शहरों में 2 हजार करोड़ रुपए की पेयजल परियोजनाओं के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उन्होंने पीएचईडी के इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि कुछ संशोधनों के साथ पत्रावली उनके पास एक सप्ताह के भीतर भेजी जाए। जिससे अमृत-2 का क्रियान्वयन जल्द से जल्द हो सके।
जानकारी के एक सप्ताह पहले मुख्य सचिव ने अमृत-2 के तहत 1 शहरों के लिए बनी पेयजल परियोजनाओं के प्रस्तावों को लेकर बैठक ली ओर बारीकी से एक एक प्रस्ताव का परीक्षण किया। जिसमें उन्होंने पाया कि केन्द्र से जो राशि योजना के तहत मिलनी है उसकी तुलना में प्रस्ताव ज्यादा राशि के बन कर आए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जितनी राशि केन्द्र से मिलेगी उसी अनुपात में ही राज्यांश मिलेगा। ऐसे में योजना के तहत बने प्रस्तावों में संशोधन करें।
अमृत-2 के तहत जयपुर जिले के लिए भी एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि मिलेगी। इसमें हेरिटेज और ग्रेटर नगर को 600 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि मिलेगी। इस राशि से जयपुर शहर के विस्तारित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही शहर की कुछ अन्य पेयजल परियोजनाओं के लिए भी राशि उपलब्ध हो जाएगी। पानी के मीटर लगाने,जर्जर पाइप लाइनों को बदलने का प्रावधान भी रखा गया है।
कुल शहर-कस्बे-235
52 शहर और कस्बे अन्य पेयजल परियोजनाओं के तहत लाभान्वति
अमृत-2 के तहत अंतिम रूप से चयनित किए 178 शहर और कस्बे
शहर और कस्बों के लिए 5448 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव बनाए
केन्द्रीय सहायता-1864 करोड
राज्य सरकार देगी-2 हजार करोड
90 प्रतिशत राज्य सरकार और 10 प्रतिशत राशि निकाय खर्च करेंगे
Published on:
16 Oct 2022 11:50 pm
