
जयपुर।
जलदाय विभाग में दो से तीन महीने में ही इंजीनियरों के तबादले, छह माह से 24 इंजीनियरों को एपीओ कर बिना काम लाखों का वेतन, सीनियर इंजीनियरों की जूनियर इंजीनियरों के कार्यालय में उपस्थिति देने जैसे ‘कुप्रंधन’ पर अब तक चुप्पी साधे इंजीनियर अब मुखर हो गए हैं। सोमवार सुबह ग्रेजुएट इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष आनंद मीणा के नेतृत्व में इंजीनियर जलदाय मंत्री महेश जोशी से मिले और उनको विभाग में व्याप्त कुप्रबंध को 10 दिन को समाप्त करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में इस तरह सवाल उठाए तबादलों में चल रहे कुप्रबंधन पर
इंजीनियरों ने कहा कि विभाग में छह माह से इंजीनियरों के तबादले हो रहे हैं। लेकिन दो या तीन महीने में ही इंजीनियरों के तबादले किए जा रहे हैं। अगर तबादला नहीं होता है तो इंजीनियर को बिना कारण के एपीओ कर दिया जाता है। इस स्थिति में राजस्थान में जल जीवन मिशन पूरी तरह से ठप हो गया है।
सीनियर की उपस्थिति जूनियर के कार्यालय में
मुख्य अभियंता संदीप शर्मा विभाग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनको पहले एपीओ किया और फिर निलंबित करने के बाद उनसे जूनियर अधिकारी के कार्यालय में उपस्थति देने के आदेश दिए। इस स्थिति में एक विभाग के एक अधिकारी को मानसिक तौर पर प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
24 इंजीनियर महीनों से ले रहे हैं बिना काम वेतन
विभाग में 24 इंजीनियर छह माह से एपीओ हैं और वे बिना काम वेतन ले रहे हैं। 123 इंजीनियरों को पदोन्नति मिली लेकिन 27 का ही पदस्थापन किया गया। राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत 70 हजार करोड़ के कार्य स्वीकृत हो गए हैं। अब महीनों से मिशन के तहत जल कनेक्शन का कार्य ठप है।
Published on:
27 Dec 2022 11:11 pm
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