
जयपुर.
नागौर लिफ्ट कैनाल परियोजना में जलजीवन मिशन (जेजेएम) से जुड़े 180 करोड़ के दो टेंडर की दरों में गोपनीयता भंग करने के मामले में परियोजना के मुख्य अभियंता संदीप शर्मा को जलदाय मंत्री महेश जोशी ने एपीओ कर दिया है। उधर, जेजेएम के हजारों करोड़ के टेंडर करने वाले इंजीनियरों का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम में दरें पहले ही फ्रीज हो जाती है। ऐसे में दरों का किसी तरह से उल्लेख होने पर टेंडर की गोपनीयता पर असर नहीं आता है।
सीई को एपीओ करने के पीछे की कहानी यह सामने आई
-जेजेएम के तहत नागौर लिफ्ट प्रोजेक्ट फेज-2 - पैकेज-6 के लिए 93.99 करोड़ और पैकेज-7 के लिए 85.95 करोड़ के टेंडर जारी हुआ।
-शीर्ष स्तर को टेंडर की दरें कम आने की आशंका हुई।
-180 करोड़ के टेंडर को 30 से 40 प्रतिशत ज्यादा दरों पर देने की तैयारी थी।
-सीई (तकनीकी) दलीप गौड़ ने आगामी आदेशों तक टेंडर नहीं खोलने के लिए सीई संदीप शर्मा को पत्र लिखा।
-सीई संदीप शर्मा ने टेंडर दरें सरकार के हित में बताते हुए 7 नवंबर को टेंडर खोलने की बात कही।
-रोहट 110 करोड़ के टेंडर में पूलिंग,चौथी फर्म की एंट्री से बिगड़ा खेल।
पाली के रोहट में जल जीवन मिशन के तहत 110 करोड़ का टेंडर जारी हुआ। फर्मों ने पूलिंग कर टेंडर की दरें 25 प्रतिशत से ज्यादा भरी और लागत को 138 करोड़ तक पहुंचा दिया। इसी बीच चौथी फर्म मैदान में उतरी और कम दरों पर टेंडर भर कर पूलिंग का खेल बिगाड़ दिया।
सीई के खिलाफ तुरंत जांच
जयपुर में एसीई आरसी मीणा ने गलत तरीके से तीन वर्कचार्ज कर्मचारियों को पदोन्नति दी और फिर निरस्त भी कर दिया। लेकिन जलदाय मंत्री महेश जोशी ने इस मामले की जांच नहीं करवाई। जबकि सीई संदीप शर्मा के मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित कर दी।
जांच की जाएगी
सीई संदीप शर्मा को टेंडर की गोपनीयता भंग के मामले में एपीओ किया है। प्रकरण की जांच की जाएगी।
गोपाल सिंह, उप सचिव, जलदाय विभाग
Published on:
06 Nov 2022 01:11 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
