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पानी टंकी हटाने में फंसा पेच, सीई मुख्यालय से हरी झंडी का इंतजार

सिविल लाइन्स उच्च जलाशय हटाने का मामला जलदाय विभाग ने सोमवार को खोली टेक्निकल बिडफर्म सीकर सिटी सर्कल से है रजिस्टर्ड जिले से बाहर रजिस्टर्ड होने के कारण मामला पहुंचा सीई मुख्यालय के पास

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जयपुर। सिविल लाइन स्थित शहर के सबसे पुराने उच्च जलाशय को हटाने का मामला फिलहाल लंबा खिंच सकता है। जलदाय विभाग ने बीते सोमवार को टंकी हटाने के आए टेंडर की टेक्निकल बिड खोल दी है लेकिन फर्म जयपुर की बजाय सीकर से रजिस्टर्ड होने का पेच फाइनेंशियल बिड खोलने में आड़े आ गया है। ऐसे में आज सिटी सर्कल अफसर मुख्य अभियंता मुख्यालय की ओर से फर्म को वर्कआॅर्डर देने की स्वीकृति लेने की कवायद कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 52 वर्ष पुराने अवधिपार हो चुके उच्च जलाशय को हटाने के लिए जलदाय विभाग ने बीते 9 जनवरी को टेंडर जारी किए। टेंडर में दो फर्मों ने फार्म डाले लेकिन एक फर्म दस्तावेज संलग्न करने में नाकाम रही। ऐसे में बीते सोमवार को खोली गई टेक्निकल बिड में एक टेंडर फार्म में फर्म जयपुर जिले की बजाय सीकर सिटी सर्कल कार्यालय से रजिस्टर्ड होने की बात सामने आई। ऐसे में नियमानुसार सिटी सर्कल कार्यालय फर्म की फाइनेंशियल बिड खोलने और वर्कआॅर्डर देने में सक्षम नहीं होने के कारण अब सर्कल अफसरों ने मामला मुख्य अभियंता मुख्यालय के पास भेजा है। नियमानुसार पीडब्लुएसएनआर के तहत जिले से बाहर रजिस्टर्ड होने पर फर्म की फाइनेंशियल बिड खोलने और वर्क आॅर्डर देने में मुख्य अभियंता मुख्यालय अथवा रीजन के अतिरिक्त मुख्य अभियंता की स्वीकृति होना अनिवार्य है। ऐसे में अब संबंधित सक्षम अधिकारियों की स्वीकृति के लिए सिटी सर्कल कार्यालय आज पत्र लिख रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद ही फर्म की फाइनेंशियल बिड खोलने की कार्रवाई की जाएगी।