
जयपुर। एक लंबे समय से बैक लॉग पदों की गणना कराने की मांग कर रहे दिव्यांगों को आज राहत मिल सकेगी। राज्य सरकार की ओर से आज से दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण कोटे के अनुसार पदों की गणना की जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की तरफ से दिव्यांगजनों का सरकारी नौकरियों में विभिन्न विभागों में बैक लॉग पदों की गणना करने के बाद रिक्त पदों को भरने के लिए पूरे प्रदेश में विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस संबंध में विभाग के मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए गठित विशेष उच्च स्तरीय समिति की बैठक में घोषणा की थी। इसके बाद ही विभाग की ओर से 15 अलग-अलग विभागों में पिछले कुछ सालों में हुई भर्तियों की समीक्षा आज से की जाएगी।
रसद विभाग को भी मिले निर्देश
मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने रसद विभाग को भी निर्देश दिए कि प्रदेश में डीलर नियुक्त किए जाने वाली प्रक्रिया में नियमानुसार आरक्षण के हिसाब से दिव्यांगजनों को गेहूं व अन्य खाद्य सामग्री समय पर दी जाए। उन्होंने कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों पर दिव्यांगजनों की क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोडऩे के निर्देश भी दिए।
पांचवी बोर्ड : चार किलोमीटर से दूर नहीं होगा परीक्षा केंद्र
जिला स्तरीय प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन पांचवी बोर्ड परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र चार किलोमीटर से दूर नहीं बनेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसमें निर्देशित किया है कि विद्यार्थियों के आवगमन की सुविधा को देखते हुए परीक्षा केंद्र विद्यार्थियों की सुविधा अनुसार बनाए जाए। इसके चलते परीक्षा केंद्रों की दूरी चार किलोमीटर के अंतराल में रखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही परीक्षा केंद्र ऐसे हो जहां पर पहुंचने की राह आसान हो और ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी हो। इस बार पांचवी बोर्ड की परीक्षा को इस बार निजी विद्यालयों के लिए भी अनिवार्य किया गया है। जिला स्तरीय प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन देने वाले अभ्यर्थियों को उपस्थिति के भी अंक मिलेंगे। यह कुल प्राप्तांक में जोड़े जाएंगे, लेकिन परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी के लिए कम से कम साठ प्रतिशत सालाना उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
Updated on:
21 Nov 2017 01:07 pm
Published on:
21 Nov 2017 12:37 pm
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