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आवारा पशुओं से होने वाले हादसे रोकने की नई पहल: जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी हाईवे पर NHAI ने शुरू किया रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम

NHAI Launches Pilot for Real-Time Stray Cattle Safety Alert: सड़क सुरक्षा माह 2026: एनएचएआई की नई तकनीक, आवारा जानवरों वाले इलाकों में फ्लैश अलर्ट जारी। लोकेशन बेस्ड एसएमएस-वॉयस अलर्ट से बढ़ेगी सडक़ सुरक्षा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्रांतिकारी कदम: 10 किमी पहले मिलेगा आवारा पशु चेतावनी अलर्ट।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Jan 15, 2026

photo source notebooklm

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Real Time Alert: जयपुर. ‘सड़क सुरक्षा माह 2026’ ( Road Safety Month 2026) मनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग ( National Highway) पर अचानक पशुओं के आने से होने वाले हादसों को कम करने के लिए सडक़ सुरक्षा पहल के तहत, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग इस्तेमाल करने वालों को आवारा पशुओं वाले इलाकों के पास आने पर रियल टाइम सुरक्षा चेतावनी (Real-Time Stray Cattle Safety Alert) के लिए एक पायलट पहल शुरू की है।

जानवरों से होने वाले हादसे होंगे कम

इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग पर, खासकर कोहरे और कम विजिबिलिटी की स्थिति में, जानवरों के अचानक आने से होने वाले हादसों को कम करना है।

लोकेशन-बेस्ड अलर्ट जारी

यह पायलट प्रोजेक्ट जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर  (Jaipur–Agra and Jaipur–Rewari NH corridors) पर लागू किया जा रहा है, जिन्हें आवारा जानवरों के आने वाले इलाकों के तौर पर पहचाना गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए लोकेशन-बेस्ड अलर्ट जारी किए जाएंगे, जो चिन्हित तौर पर अधिक जोखिम वाले हिस्सों से लगभग 10 किमी पहले चेतावनी देंगे। इससे यात्रियों को सावधानी बरतने के लिए कुछ समय मिल जाएगा।

पहले एसएमएस, फिर वॉयस अलर्ट मिलेगा

राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के साथ प्रभावी संचार सुनिश्चित करने के लिए, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा चेतावनी एक फ्लैश एसएमएस के जरिए दी जाएगी। इसके बाद एक वॉयस अलर्ट भी आएगा। फ्लैश एसएमएस अलर्ट (Flash SMS alert) हिन्दी में जारी किया जाएगा, जिसमें लिखा होगा "आगे आवारा पशु ग्रस्त क्षेत्र है। कृपया धीरे और सावधानी से चलें।" इसके बाद एक वॉयस अलर्ट (voice alert) आएगा जिसमें वही सेफ्टी मैसेज दिया जाएगा। अलर्ट से परेशानी न हो, इसके लिए 30 मिनट के अंदर एक ही यूजर को बार-बार अलर्ट नहीं भेजा जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा होगी बेहतर

यह पहल समय पर और लक्षित चेतावनी देने के लिए दूरसंचार प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करेगी, जिससे ड्राइवरों की जागरूकता बढ़ेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बेहतर होगी। अलर्ट ऐतिहासिक दुर्घटना डेटा के साथ-साथ फील्ड-लेवल इनपुट के जरिए चिन्हित किए गए मवेशियों वाले क्षेत्र के आधार पर जेनरेट किए जाएंगे और अपग्रेड किए गए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके डिलीवर किए जाएंगे। इस पहल के तहत, रिलायंस जियो ने इन रियल-टाइम अलर्ट को देश भर में डिलीवर करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया है।

पायलट के नतीजों और प्रभाव के आधार पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देशभर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर सडक़ सुरक्षा को बेहतर बनाने और यूजर के अनुभव को बढ़ाने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, इस पहल को दूसरे आवारा मवेशियों वाले क्षेत्र में विस्तारित करने की संभावना का मूल्यांकन करेगा।