
राजस्थान एसओजी की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने देश के कई हिस्सों में पांच लाख से अधिक लोगों से निवेश के नाम पर 1000 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एसआईटी ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है इसमें पश्चिम बंगाल सरकार को देशी शराब सप्लाई करने वाली पिनकॉन स्प्रीट के चेयरमैन मनोरंजन रॉय भी शामिल है।
मनोरंजन रॉय को किया अदालत में पेश...
प्रदेश में गिरोह ने छह फर्जी कंपनियों के जरिए 25 हजार लोगों से 56 करोड़ रुपए नियम विरूद्ध निवेश कराए है। एसओजी ने कंपनियों की 11 ब्रांच भी सीज कर दी है। एसओजी ने मनोरंजन रॉय और विनय सिंह को शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से सात दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। जबकि दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर एसओजी जयपुर ला रही है। बता दें कि देश की फॉर्च्यून 500 कंपनियों में पिनकॉन ग्रुप भी शामिल है, जो कि 1000 करोड़ रुपए की कंपनी है।
अजमेर निवासी ने मामले को लेकर की शिकायत...
एसओजी के एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कोलकाता के श्रीकॉलोनी निवासी मनोरंजन रॉय, कोलकाता के गडियाहट निवासी विनय सिंह, आगरा के लॉयर्स कॉलोनी निवासी हरिसिंह, मैंगलोर निवासी रघु शेट्टी है। मनोरंजन रॉय पश्चिम बंगाल में सरकार को देशी शराब सप्लाई करने वाली पिनकॉन ग्रुप कंपनी का चेयरमैन है। लगभग दो महीने पहले अजमेर निवासी ने एसओजी में शिकायत की थी। उसके बाद जांच की गई तो मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा निकला।
ऐसे हुआ निवेशकों के रुपए का धोखाधड़ी...
आरोपियों ने शातिराना तरीके से छह कंपनियां बनाकर विभिन्न राज्यों में उनकी ब्रांचें खोली और छोटे निवेशकों को लुभाना शुरू किया। इसमें 2010 से कंपनियों ने राजस्थान में अजमेर रीजनल ऑफिस के तहत अजमेर, कोटा , निवाई, चौमूं , आगरा रीजनल ऑफिस के तहत धौलपुर, कामां, अलवर, बांदीकुई, भरतपुर और हिंडौन में ब्रांच खोली। इन ब्रांचों में लेन-देन नकद ही होता है। कंपनियों का महज एक बैंक खाता अजमेर में खोला गया, जिसे 2014 में ही बंद करा दिया गया। निवेशकों का पैसा इन कंपनियों के हवाले से उठाया गया और उसे पिनकॉन कंपनी में लगा दिया गया, जबकि कागजों में ये पैसा प्राइवेट प्लेसमेंट के तहत डिबेंचर इश्यू से हासिल होना बताया।
Updated on:
04 Nov 2017 09:48 am
Published on:
03 Nov 2017 11:08 pm
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