
जयपुर। त्योहारी सीजन के दौरान दीपोत्सव के स्वागत के लिए राजधानी के बाजार तैयार हैं। धनतेरस से पहले मंगलवार को मंगल पुष्य नक्षत्र के संयोग से लेकर भाई-दूज तक बाजार ग्राहकों से गुलजार रहेंगे। साथ ही ऑफर्स की भी भरमार रहेगी।
18 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र तथा 22 को धनतेरस के साथ ही रविवार को भी खरीदारी होगी। 23 अक्टूबर को रूप चौदस और 24 अक्टूबर को दीपावली पर सबसे ज्यादा खरीदी होगी। कल मंगलवार अलसुबह से मंगल पुष्य की शुरुआत होगी। धन तेरस से पहले इसे मिनी धनतेरस भी कहा जा रहा है।
सुबह 8.30 बजे से खुलेंगे बाजार, करें जमकर खरीददारी
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि मंगलवार को बाजार आम दिनों के मुकाबले सुबह जल्दी खुलेंगे। चारदीवारी के प्रमुख 40 से ज्यादा बाजार सुबह 8.30 बजे से ही खुल जाएंगे, ताकि शहरवासियों को खरीदारी के लिए ज्यादा समय मिल सके व भीड़-भाड़ से बचा जा सके।
चांदपोल बाजार व्यापार मंडल के महामंत्री घनश्याम भूतड़ा ने बताया कि सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र धनतेरस पर छोटी चौपड़ के स्वागत द्वार के पीछे चांदपोल बाजार को देखते हुए उगते हुए सूर्य के साथ शिवजी-गणेश की अठखेलियां नजर आएंगी।
बाल गणेश यहां आमजन को रंगी बिरंगी रोशनी में खेलते हुए नजर आएंगे। इसके लिए बंगाल के कारीगरों द्वारा साज-सज्जा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही छोटी चौपड़ के स्वागत द्वार पर डिज्नीलैंड देखने को मिलेगा। इधर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर व नहर के गणेश मंदिर में वाहन पूजन के लिए अलग से व्यवस्था रहेगी।
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मुहाना सिद्धपीठ धाम के महंत आचार्य कमलेश ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र माने गए हैं। इनमें 8वें स्थान पर पुष्य नक्षत्र आता है। शास्त्रों के अनुसार पुष्य नक्षत्र स्थायी होता है और इस नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु स्थायी तौर पर सुख समृद्धि देती है। पुष्य का अर्थ है पोषण करने वाला, ऊर्जा व शक्ति प्रदान करने वाला। मंगलवार को पुष्य नक्षत्र होने से इसे मंगल पुष्य कहा जाता है। इस नक्षत्र में की गई खरीदारी लाभदायक होती है। पुष्य नक्षत्र में की गई पूजा-पाठ अक्षय पुण्य देने वाली मानी गई है।
ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि सर्वार्थसिद्धि योग होने के साथ ही कल पूरे दिन और रात पुष्य नक्षत्र रहेगा। अगले दिन बुधवार सुबह भी पुष्य नक्षत्र रहेगा। सोना-चांदी, तांबा व वाहन की खरीदारी पुष्य नक्षत्र के साथ सिद्ध योग और साध्य योग में बेहद फलदायी रहेगी। सोना-चांदी, भूमि, भवन, वाहन, बही-खाते और कलम-दवात सहित सभी प्रकार की चल-अचल संपत्ति की खरीदारी से कामकाज में शुभता बढ़ेगी। इस दिन सूर्य के कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करने के चलते तुला संक्रांति भी रहेगी।
ऐसे समझें
ज्योर्तिविद पं.घनश्याम लाल स्वर्णकार ने बताया कि ’पाणिनी संहिता’ में ’’पुष्य सिद्धौ नक्षत्रे’’ के बारे में यह लिखा है। सिध्यन्ति अस्मिन् सर्वाणि कार्याणि सिध्य:। पुष्यन्ति अस्मिन् सर्वाणि कार्याणि इति पुष्य।। अर्थात पुष्य नक्षत्र में शुरू किए गए सभी कार्य पुष्टिदायक, सर्वथा सिद्ध होते ही हैं, निश्चय ही फलीभूत होते हैं।
मार्केट में यहां बल्ले-बल्ले
रियल स्टेट : दिवाली पर खुद के आशियाने की चाह में शहरवासी प्रापर्टी व फ्लैट खरीदेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक्स : मोबाइल, फ्रिज, वाशिंग मशीन, गीजर व लैपटॉप सहित अन्य सामानों की खरीदारी परवान पर रहेगी
वाहन: ई कारों के साथ दोपहिया, चौपहिया वाहनों की जमकर खरीदारी होगी।
ज्वैलरी : ईयर रिंग्स, पैंडल, कंगन व सोने-चांदी के सिक्कों की मांग ज्यादा देखने को मिल रही है।
यह रहेगा समय
मंगल पुष्य नक्षत्रः 18 अक्टूबर को सुबह 5.12 से अगले दिन बुधवार को सुबह 8.02 बजे तक।
Published on:
17 Oct 2022 02:09 pm
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