कांग्रेस और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने एक सौ दस से भी ज्यादा सभाएं, कार्यक्रम और रोड शो किए हैं। जो किसी भी चुनाव की तुलना में इस बार सबसे ज्यादा है।
जयपुर
लोकसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत को बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने तो अपने स्तर पर तैयारियां की हीं, लेकिन उनके अलावा दोनो ही शीर्ष पार्टियों के नेताओं ने इस बार ताबड़तोड़ दौरे किए। पंद्रह दिन में ऐसा मानिए कि एक बड़ा नेता गया तो दूसरा आया, दूसरा बड़ा नेता सभा कर गया तो तीसरा आया……। पूरे राजस्थन में तगड़ा चुनावी माहौल रहा लेकिन उसके बाद में पिछले सालों की तुलना में गिरे मतदान प्रतिशत ने सभी को हिलाकर रख दिया है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर मोदी और शाह के दौरे हुए। सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका गांधी की सभाएं - रोड शो रहीं लेकिन मतदान गिरता ही नजर आया। अब 26 अप्रेल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में दोनो पार्टियों के साथ ही चुनाव आयोग भी कुछ नया करने की तैयारी में है। कांग्रेस और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने एक सौ दस से भी ज्यादा सभाएं, कार्यक्रम और रोड शो किए हैं। जो किसी भी चुनाव की तुलना में इस बार सबसे ज्यादा है।
पहली बार मोदी और शाह जैसे दिग्गज नेताओं के ज्यादा दौरे और रोड शो. इन जिलों में प्रचार….
ऐसा पहली बार हुआ है कि पंद्रह दिन में ही छह दौरे कर दिए पीएम मोदी ने राजस्थान में, उनमें एक रोड शो भी शामिल रहा। पीएम ने पहली सभा 2 अप्रैल को कोटपूतली में की। उसके बाद पांच जून को वे चूरू आए। छह अप्रेल को अजमेर के पुष्कर में और 11 अप्रेल को करौली में उनकी सभा में भारी भीट जुटी। उसके बाद दौसा में पहली बार पीएम का रोड शो हुआ। साथ ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह राजस्थान में सक्रिय रहे। वे 31 मार्च को राजस्थान में दो दिवसीय दौरे पर आए। जयपुर में बीजेपी नेताओं की बैठक ली। उसके बाद सीकर में रोड शो किया। फिर जोधपुर में बीजेपी वालों की बैठक ली। अलवर में जन सभा की और फिर जयपुर मेंं रोड शो किया। बीकानेर में भी भाजपा नेताओं की बैठक ली।
नड्डा ने गंगानगर में सभा की, वहां वोटिंग सबसे ज्यादा…. राजनाथ - योगी भी सक्रिय…
पीएम मोदी के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने झालावाड़ और श्रीगंगानगर में जनसभा को संबोधित किया। वहीं, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बीकानेर और झुंझुनूं में जनसभा हुई। इनके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बीकानेर, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने जयपुर में प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित किया था। वहीं, बीजेपी की ओर से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भरतपुर, दौसा और सीकर लोकसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सैनी ने अलवर ,झुंझुनूं, सीकर और जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्रों में जनसभा की। इन सभी सीटों पर से सिर्फ गंगानगर सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग हुई हैं। सीएम भजन लाल ने भी प्रदेश भर में करीब पचास दौरे, कार्यक्रम और सभाएं कीं। साथ ही किरोड़ी लाल मीणा भी पूरे चुनाव में सक्रिय नजर आए।
सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका गांधी, खरगे, गहलोत और पायलट के भी दौरे, लेकिन बीजेपी से कम…
बात अब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की करें तो सोनिया गांधी से लेकर सचिन पायलट तक….. तमाम बड़े नेता सक्रिए रहे, लेकिन भाजपा के बड़े नेताओं से कम। पहले चरण के मतदान से पहले चार दौरे अकेले प्रियंका गाधी ने किए। वे जयपुर, दौसा, जालोर में सभा करतीं नजर आई। अलवर में बड़ा रोड शो किया। सोनिया गांधी एक बार प्रियंका के साथ जयपुर आ सकीं। वहां खरगे भी मौजूद थे। राहुल गांधी की श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ और जोधपुर के फलोदी में जनसभा हुई थी। वहीं, सोनिया गांधी की जयपुर और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जयपुर और चित्तौड़गढ़ में जनसभा हुई थी। वहीं, दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 15 से अधिक और सचिन पायलट ने 10 से अधिक जगहों पर सभा और रोड शो किए हैं।
बदलनी होगी रणनीति……
इतने नेताओं की मौजूदगी भी वोटर्स को लुभा नहीं सकी। साल 2019 की तुलना में करीब पांच फीसदी तक मतदान गिरा है। पार्टियों के लिए…. खासतौर पर भाजपा के लिए यह चिंता का विषय है। इसी कारण से अब दोनो ही पार्टियों के नेता 26 अप्रेल को होने वाले चुनाव से पहले अपनी रणनीति बदलने की तैयारी में हैं।