जयपुर ।
राजस्थान में आगामी चुनावों की तैयारियां लगभग शुरू हो गई हैं, इसके साथ ही सरकार चुनावी मोड पर चल रही है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए, इस साल अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने की तैयारी में हैं। इसके चलते 7 जुलाई को जयपुर में सरकार की ओर से केन्द्र और राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं से लाभांवित करने के बहाने बड़ा सम्मेलन प्रस्तावित है।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई मंत्री आ रहे हैैं। बीजेपी राजस्थान पीएम मोदी के जयपुर दौरे को लेकर बेहद सतर्क है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं । इसी को लेकर पूरी भारतीय जनता पार्टी इन्ही तैयरियों में जुटी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में किसी प्रकार का व्यवधान रोकने के लिए भाजपा ने रणनीति तैयार की है। अब मोदी की सभा में उन्ही लोगो को बुलाया जाएगा, जो सीधे तौर पर भाजपा की विचारधारा से जुड़े हों।
आपको बता दें कि झुंझुनूं की एक सभा में हुए हंगामे के बाद यह सावधानी खास तौर पर बरती जा रही है। हर जिले से आने वाले लाभार्थी की सूची तैयार कराई जा रही है। इसके बाद उसकी जांच की जाएगी। भाजपा ने दो दिन पहले सभी सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष और भाजपा के जिला प्रभारियों की बैठक में यह निर्णय किया। बैठक में जितने भी जनप्रतिनिधि व भाजपा नेता आए, उनको यह साफ कहा गया कि जनसभा में उसी लाभार्थी को लाना है, जो भाजपा से जुड़ा हुआ हो।
बीजेपी को सता रहा है ये डर
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया है कि चुनावी साल है। ऐसे में कांग्रेसी या अन्य राजनीतिक दल की विचारधारा से जुड़ा हुआ लाभार्थी आता है तो पार्र्टी को यह डर है कि कहीं वो जनसभा में खलल नहीं डाल दे। एक मंत्री ने इसकी पुष्टि भी की है। एक पदाधिकारी ने बताया कि सरकार ने 2.38 लाख लाभार्थी छांटे हैं। इसके अलावा करीब एक लाख भाजपा कार्यकर्ताओं को जनसभा में लेकर आने का लक्ष्य दिया गया है।