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पाकिस्तान की GDP से ज्यादा है ‘आत्मनिर्भर भारत’ का Package

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संदेश में कुल 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया जिसमें लॉकडाउन से अस्त-व्यस्त हुई अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए पहले के ऐलान भी शामिल हैं। यह रकम देश की जीडीपी के करीब 10% के बराबर है। इस लिहाज से देखें तो भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जिन्होंने कोरोना संकट से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए बड़े-बड़े इकॉनमिक पैकेज के ऐलान किए।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संदेश में कुल 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया जिसमें लॉकडाउन से अस्त-व्यस्त हुई
अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए पहले के ऐलान भी शामिल हैं। यह रकम देश की जीडीपी के करीब 10% के बराबर है। इस लिहाज से देखें तो भारत
दुनिया के उन गिने-चुने देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जिन्होंने कोरोना संकट से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए बड़े-बड़े इकॉनमिक पैकेज के
ऐलान किए।
विशाल होने के साथ-साथ यह आंकड़ा इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि अब तक भारत के कोरोना लॉकडाउन पर सवाल उठाते आ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान का कुल GDP भी इस पैकेज से कम है। बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पहले यह कहकर देश में लॉकडाउ लगाने से इनकार कर दिया था कि देश की इकॉनमी आर्थिक दबाव झेल नहीं सकेगी। हालांकि, हालात बिगड़ने पर उसे भी लॉकडाउन की राह पकड़नी पड़ी।
भारत ने जिस राहत पैकेज का ऐलान किया है वह 300 बिलियन अमेरिकन डॉलर (USD) का है जबकि 2019 में पाकिस्तान की कुल GDP
284.214 बिलियन अमेरिकन डॉलर। हालांकि, इससे पहले 2018 में पाक की GDP 300बिलियन USD से ज्यादा थी लेकिन मौजूदा हालात को
देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2020 में यह 200 बिलियन USD भी नहीं पहुंचेगी। वहीं, भारत की GDP करीब 3,000 बिलियन डॉलर है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कोरोना वायरस के देश में फैलने के साथ ही इस बात का ऐलान कर दिया था कि पाक के पास लॉकडाउन का
विकल्प नहीं है। खान ने कहा था कि उसकी इकॉनमी इस हाल में नहीं है कि लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दबाव झेल सके। पाकिस्तान ने 1 लाख 20
हजार करोड़ के पैकेज का ऐलान किया था और बाद में मजदूरों के लिए 700 करोड़ और देने का वादा किया था। इमरान ने बाकी दुनिया से भी मदद
मांगी थी और यूरोपिनयन यूनियन ने 163 मिलियन और अमेरिका ने 8 मिलियन USD की मदद दी थी।
पाकिस्तान में 9 मई तक के लिए लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे लेकिन फिर भी लॉकडाउन में ढील दे दी गई।
अब तक देश में 32,916 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं और 733 लोगों की मौत हो चुकी है। आर्थिक संकट के चलते फिलहाल चुनिंदा बिजनस
खोलने की इजाजत दे दी गई है।
प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन में कहा कि हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है। उन्होंने कहा, 'ये पैकेज भारत की जीडीपी का करीब-करीब 10 प्रतिशत है।' पीएम के इस ऐलान के साथ ही भारत अमेरिका और जापान की टक्कर में आ गया जिन्होंने अपनी-अपनी जीडीपी के क्रमशः 13% और 21% से ज्यादा की रकम के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रखी है। पीएम मोदी के ऐलान के बाद स्पष्ट हो गया है कि पहले के ऐलानों के बाद अब विभिन्न क्षेत्रों के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त पैकेज दिया जाएगा।
मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में मार्च महीने में घोषित 1.70 लाख करोड़ रुपये का पैकेज भी शामिल है। उस पैकेज के तहत गरीबों
को मुफ्त राशन, गरीब महिलाओं और बुजुर्गों को नकद सहायता का प्रावधान किया गया था। बाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी नीतिगत
ब्याज दरों में कटौती और बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के जरिए आर्थिक मदद का ऐलान किया था। 1.70 लाख करोड़ रुपये का
पहला पैकेज तो जीडीपी का महज 0.8% था जबकि आरबीआई की ओर से घोषित पैकेज 6.5 लाख करोड़ का और जीडीपी का 3.2% है। यानी, कुल
8.20 लाख करोड़ रुपये के साथ जीडीपी के करीब 4% के बराबर की रकम का पैकेज पहले ही दिया जा चुका है।