
राजनीति के साथ विकास मॉडल पर होगा पीएम मोदी का फोकस
जयपुर . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को अजमेर में सभा करने आ रहे हैं। भाजपा ने इस सभा में आठ लोकसभा और 45 विधानसभा से करीब दो लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। पार्टी ने जिन 45 विस से लोगों को सभा में बुलाने का लक्ष्य रखा है, उनमें से 20 विस में ही भाजपा के विधायक हैं। ऐसे में भाजपा पीएम मोदी की सभा कर आगामी विधानसभा चुनावों में इन 45 विस सीटों पर वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी।
भाजपा ने पीएम की सभा में जयपुर ग्रामीण, जयपुर शहर, टोंक-सवाईमाधोपुर, अजमेर, नागौर, पाली, राजसमंद और भीलवाड़ा लोकसभा की 45 सीटों को टारगेट किया है। नागौर लोकसभा सीट पार्टी की सूची में दूसरी सबसे कमजोर लोकसभा सीट है। नागौर जिले की विधानसभा सीटों की स्थिति भी भाजपा के पक्ष में नहीं है। पार्टी ने जिन 45 सीटोें का लक्ष्य तय किया है, उनमें से 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 21 सीटें जीती थी, जबकि चार पर आरएलपी और निर्दलीय प्रत्याशी की जीत हुई थी।
देश के काम... विदेश की छवि बताएंगे
पीएम मोदी की सभा उनके नौ साल के कार्यकाल पूरा होने पर हो रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि सभा राजनीति के साथ-साथ विकास के मॉडल पर भी आधारित होगी। इस सभा में यह बताने का प्रयास भी होगा कि मोदी सरकार आने के बाद देश में क्या काम हुए और आज विदेश में भारत की क्या छवि बनी है। इन दिनों पीएम मोदी विदेश दौरे पर हैं और जिस तरह से अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष पीएम मोदी को सम्मान दे रहे हैं। उससे यह तो तय है कि इसका जिक्र इस सभा में जरूर होगा।
नागौर-टोंक सबसे कमजोर
पार्टी के लिए नागौर और टोंक जिला सबसे कमजोर है। नागौर जिले की दस विधानसभा सीटों में से मात्र दो ही भाजपा के पास है। छह पर कांग्रेस और 2 पर अन्य दलों का कब्जा है। वहीं टोंक जिले की चार सीटों में से तीन पर कांग्रेस विधायक है। वहीं अजमेर जिले की आठ सीटों में से पांच सीटों पर भाजपा के विधायक है, जबकि कांग्रेस के दो और एक सीट पर निर्दलीय का कब्जा है। भीलवाड़ा सात सीटों में से पांच विस सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। दो सीटें कांग्रेस के पास है।
Published on:
25 May 2023 12:40 pm
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