
पीएम मोदी सांगानेर एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पर राज्यपाल कल्याण सिंह ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इसके बाद वहां से प्रधानमंत्री मोदी हेलिकॉप्टर से एसएमएस स्टेडियम पहुंचे। जैसे ही पीएम मोदी सभा स्थल पहुंचे तो लोगों ने मोदी—मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिया। पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर पहुंचकर प्रदेश की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने सभा स्थल पहुंचकर 13 बड़ी योजनाओं का शिलान्यास किया।

पीएम कंप्यूटर पर बटन दबाकर 2100 करोड़ के 13 प्रोजेक्ट्स का अनावरण किया। इनमें पुराने उदयपुर के लिए एकीकृत संरचना पैकेज, अजमेर के लिए एलिवेटेड रोड परियोजना और अजमेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, हनूमानगढ़, सीकर और माउंट आबू में जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं।

पीएम ने धौलपुर, नागौर, अलवर, तथा जोधपुर में एसटीपी का उन्नयन और बूंदी, अजमेर और बीकानेर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत परियोजनाओं के शिलांन्यास पटि्टका का अनावरण किया गया है।

दूसरी तरफ वहीं पीएम मोदी की रैली में महिलाओं को पानी देने से इनकार कर दिया। ठेकेदार ने अपने लोगों को कहा किसी को भी पीएम मोदी के आने से पहले पानी की थैलियां नहीं दी जाएं।

पीएम मोदी की यात्रा को लेकर चल रहा यहां ठेकेदार की मनमानी। महिलाएं यहां इस भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रही हैं। लेकिन वहीं ठेकेदारों की मनमानी जारी है।

पीएम मोदी की जयपुर में होने वाली जनसंवाद सभा में भाग लेने जा रही 150 से ज्यादा महिलाओं को हिंडौन में बसें नहीं मिल पाई। जिससे महिलाओं को निराश हो वापस घरों को लौटना पड़ा।

काफी संख्या में महिलाएं और स्वास्थ्य कार्यकर्ता जयपुर जाने के लिए सुबह 6 बजे ही चौपड़ सर्किल पर पहुंच गई, लेकिन उन्हें सुबह 9 बजे तक जयपुर जाने के लिए बस उपलब्ध नहीं हो सकी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार में मुद्दे लटकते-भटकते नहीं हैं। हमारा एकमात्र एजेंडा है विकास, जो हो रहा है और दिख भी रहा है। राजस्थान पिछले 4 साल से दोगुनी गति से विकास कर रहा है।

अपने करीब 36 मिनट के भाषण में मोदी ने कहा, एक विदेशी एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट माना है कि बीते 2 साल में 5 करोड़ लोग गरीबी से मुक्त हुए हैं। इसका कारण है, सरकार साफ नीयत से सही विकास कर रही है। देश में अब तक 14.50 करोड़ से ज्यादा किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जा चुके हैं।

राजस्थान में लगभग 90 लाख किसानों को ये कार्ड मिल चुके हैं। केंद्र-राज्य सरकार का एकमात्र एजेंडा है विकास, विकास और विकास। एक के बाद एक योजना के जरिए देश के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को सरल, सुरक्षित और सुगम बनाने का काम किया जा रहा है। सभी फसलों का मूल्य लागत का डेढ़ गुना कर दिया गया है।

मूंग का लागत मूल्य 4600 था, इसे 7000 कर दिया। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर काम किया जा रहा है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड का शुभारंभ सूरतगढ़ से हुआ। लक्ष्य से ज्यादा 14.50 करोड़ कार्ड दिए।जयपुर जाने के लिए बस उपलब्ध नहीं हो सकी।
