
जयपुर।
'मिशन राजस्थान' को फतह करने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर यहां पहुंचे। आज उन्होंने मेवाड़ के चित्तौड़गढ़ से प्रदेश की सियासत और आम जनता को साधने पर पूरा ज़ोर लगा डाला। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हज़ारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स जनता से सुपुर्द भी किए तो कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी। पिछले महज़ 8 दिन में प्रधानमंत्री का ये दूसरा प्रदेश दौरा रहा। इससे पहले वे 25 सितंबर को जयपुर के दादिया ग्राम में जनसभा को संबोधित करके गए थे।
देव दर्शन से दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री ने अपने चित्तौड़गढ़ दौरे की शुरुआत 'देव दर्शन' से की। राजस्थान पहुंचते ही सबसे पहले उन्होंने प्रख्यात कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ पहुंचकर मंदिर में धोक लगाई और दर्शन-पूजन किये। इसके बाद लोकार्पण-शिलान्यास और जनसभा कार्यक्रमों में शिरकत की।
प्रोटोकॉल के तहत हुई अगवानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से विशेष विमान से उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट पहुंचे। यहां प्रोटोकॉल के अनुसार उनकी अगवानी की गई। राज्य सरकार की ओर से प्रभारी मंत्री रामलाल जाट के अलावा प्रधानमंत्री की अगवानी करने के लिए जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल, पुलिस अधीक्षक भवन भूषण, जिला प्रमुख ममता कंवर, मेयर गोविंद सिंह टांक, एसीएस शिखर अग्रवाल, एडीजीपी संजय अग्रवाल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत भी मौजूद रहे। यहां से प्रधानमंत्री वायुसेना के ही हेलीकॉप्टर से चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना हुए।
श्री सांवलिया जी सेठ मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद पीएम मोदी सभा स्थल पहुंचे। यहां हज़ारों करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने संबोधित भी किया।
अतीत की विरासत के साथ संभावनाओं का प्रदेश
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान का विकास भारत सरकार के लिए बहुत बड़ी प्राथमिकता है। हमनें राजस्थान में एक्सप्रेस वे, हाईवे और रेलवे जैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत फोकस किया है। दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस वे हो या अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस वे, ये राजस्थान में लॉजिस्टिक्स से जुड़े सेक्टर को नई शक्ति देने वाले हैं। राजस्थान में विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। राजस्थान के पास अतीत की विरासत है, तो ये संभावनाओं का प्रदेश भी है।
ये मिली सौगातें--
प्रधानमंत्री ने प्रदेश में कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण किया। इनमें
- 512 करोड़ की 56 किलोमीटर लंबी चित्तौड़गढ़-नीमच रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य
- 140 करोड़ की लागत से 155 किलोमीटर लंबाई की कोटा-चित्तौड़गढ़ विद्युत टिकट रेल लाइन
- 149 करोड़ रुपए की 120 टीएमपीए क्षमता के आबू रोड में एचसीएल के एलपीजी प्लांट
- 34 करोड़ की लागत से तैयार 2400 मीट्रिक टन एलजी माउंडेड स्टोरेज से जुड़ी इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के अजमेर बॉटलिंग प्लांट में अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकास प्रोजेक्ट
- 4500 करोड़ रुपए की 900 किलोमीटर लंबी मेहसाणा-भटिंडा गैस पाइपलाइन परियोजना के पाली हनुमानगढ़ खंड
- 1487 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 49 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर दरा-झालावाड़-तीन धार खंड पर निर्मित चार लेन सड़क
- नाथद्वारा में स्वदेश दर्शन योजना के तहत 24 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए पर्यटक व्याख्या एवं सांस्कृतिक केंद्र
- 128 करोड़ रुपए की लागत से 36 हज़ार 705 वर्ग किलोमीटर में तैयार किए गए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कोटा के स्थाई कैंपस का लोकार्पण किया।
वहीं 46 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जाने वाली परियोजना सवाई माधोपुर शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग 52 2E के किलोमीटर 76 पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण और चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया।
Published on:
02 Oct 2023 12:55 pm
