
उत्तर भारत में पोहा बढ़े चाव से खाया जाता है. नाश्ते में खाया जाने वाला यह व्यंजन हर किसी को खूब पसंद आता है क्योंकि पोहा ग्लूटेन फ्री होता है इसलिए इसे वे लोग भी खा सकते हैं जिन्हें वीट एलर्जी होती है। पोहे के सेवन से आपको आयरन, विटामिन बी, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन जैसे लाभ मिलते हैं। यह आपको एनर्जी देने का काम करता है जिससे आपको बार-बार भूख नहीं लगती। पोहा खाने में भी हल्का होता है। इसे बनाने के लिए मूंगफली का प्रयोग किया जाता है, जो प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत होती है. इसे दिल की सेहत के लिए भी अच्छा मन जाता है. सब्जियां मिलाकर बनाने से इसकी पोषकता और भी बढ़ जाती है. मटर, टमाटर, नींबू और प्याज जैसी चीजे पोहे को एनरिच करने का काम करती हैं और आपको कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
कैलोरी की मात्रा : पके हुए पोहे के एक कटोरे में 250 कैलोरी होती है और सब्जियों को शामिल करने से इसमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट का स्तर बढ़ जाता है। यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो पोहे में आलू न डालें क्योंकि वे कैलोरी की संख्या बढ़ाते हैं। पोहा को स्वस्थ बनाने के लिए, इसे जैतून के तेल में पकाएं। पोहा फाइबर में समृद्ध है इसलिए यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। अपने ढेर सारे गुणों के कारण पोहे को रोजाना नाश्ते के समय खाया जा सकता है।
वजन कम करने के लिए : जो लोग वजन वर्कआउट आदि करते हैं उनके लिए भी यह एक परफेक्ट मील हो सकता है। बच्चों के टिफिन के लिए इसे एक परफेक्ट मील माना जाता है क्यूंकि यह बच्चों को भी भरपूर एनर्जी देने का काम करता है। बढ़ते बच्चों के लिए पोहा एक अच्छा विकल्प जो उन्हें कई प्रकार के पोषक तत्व प्रदान करता है।
Published on:
24 Mar 2020 11:33 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
