
गिरफ्तार गिरोह के आरोपी सरगना व सदस्य (फोटो: पत्रिका)
Big Cyber Fraud Of Rs 400 Crore: बड़ी फर्मों के संचालकों के डिजिटल हस्ताक्षर हैक कर 400 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के तार अब राजस्थान, दिल्ली और दुबई के बाद गुजरात और महाराष्ट्र से भी जुड़ गए हैं। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर थाना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड करने और उनके भुगतान के लिए गुजरात व महाराष्ट्र की आइपी (IP) एड्रेस का उपयोग किया गया था।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने 67 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर 10 अधिकृत कंपनियों से करीब 200 डिजिटल हस्ताक्षर बनवाए। इन फर्जी हस्ताक्षरों के लिए भुगतान मुख्य रूप से jeffelon222-1@oksbi और 9266780963@ptaxis यूपीआइ आइडी से किया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में एसपी, कलक्टर सहित अधिकांश बड़े अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में उपयोग किए जाते हैं। अधिकारियों की अनुपस्थिति में चयनित कर्मचारी और अधिकृत स्टाफ इनका प्रयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में गिरोह की ओर से इन उच्चाधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किए जाने की गंभीर आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच एजेंसियां अब गहराई से कर रही हैं।
पुलिस को अब जोधपुर निवासी यशवंत गर्ग, नदीम, मोहम्मद अकरम, सरस्वती मंडल, खुशबू सांखला, ऐश्वर्य बोहरा और पाली निवासी ललित कुमार सहित सीकर व दिल्ली के अन्य संदिग्ध सदस्यों की तलाश है । पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और आरोपियों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है । मामले में मुख्य सरगना सुल्तान खान, नंद किशोर, अशोक कुमार भंडारी, प्रमोद खत्री और निर्मल सोनी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें अदालत के आदेश पर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ।
विदेश व्यापार महानिदेशालय पोर्टल (डीजीएफटी) में सेंधमारी कर फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर से कई बड़ी फर्मों के खातों से 400 करोड़ के रिवॉर्ड पॉइंट (स्क्रिप्स) की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है । प्रदेश और बाहर के राज्यों में पुलिस टीमें गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही हैं ।
ओम प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर
Updated on:
09 Apr 2026 08:03 am
Published on:
09 Apr 2026 07:59 am
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