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पत्नी की चुन्नी से फंदा लगा दी कांस्टेबल ने दी जान, मात्र नौ दिन में दूसरे पुलिसकर्मी ने लगाया मौत को गले

पुलिस लाइन में राइडर के पद पर था तैनात
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 29 Jun 2018, 7:46 PM IST

jaipur

मात्र नौ दिन में दूसरे पुलिसकर्मी ने किया ऐसा काम, पत्नी की चुन्नी से फंदा लगा दी जान

देवेन्द्र शर्मा / जयपुर. मोती डूंगरी थाना इलाका स्थित आनंदपुरी में पत्नी बच्चों के साथ किराए पर रह रहे कांस्टेबल सतीश मीणा (32) शुक्रवार दोपहर को कमरे में फंदे से झूलता मिला। आत्महत्या का तब पता चला जब उसकी पत्नी, बच्चे गांव से लौटे और काफी देरतक खटखटाने पर भी सतीश ने कमरा नहीं खोला। मृतक की पत्नी ने पड़ोस के कमरे से झांककर देखा तो वह फंदे से झूलता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर मोर्चरी पहुंचाया और मृतक के गांव सूचना दी। थानाधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि उसने पत्नी की चुन्नी से फंदा बनाया था। वह पुलिस लाइन में राइडर था। 9 दिन के भीतर शहर पुलिस के एक और कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली।

दो दिन पहले ही आया था

कांस्टेबल पत्नी, बच्चों के साथ एक सप्ताह पहले गांव गया था, जहां किसी रिश्तेदार के सवामणी थी। पत्नी, बच्चों को बाद में आने की कहकर के वह मंगलवार को ही लौटा था। इसके बाद वह ड्यूटी पर भी गया था। पत्नी ने बताया कि उन्होंने कभी कोई परेशानी या तनाव का भी जिक्र नहीं किया था। वहीं शुक्रवार सुबह से लोगों ने उसे कमरे से बाहर नहीं देखा था।

नहीं उठा रहा था फोन

पत्नी ने बताया कि गुरुवार शाम को उसने फोन पर सतीश से बात की थी। कह रहा था बाहर खाना खाने जाऊंगा। उसने अपने परिजन से भी बात की थी और कहीं बुलाया था। परिजन वहां गया था तो वह नहीं मिला और फोन पर कहा कि वह निकल गया। तब भी किसी को नहीं लगा कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है। सुबह जयपुर आने के लिए उसकी पत्नी लगातार फोन कर रही थी, लेकिन वह उठा नहीं रहा था। इससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।


जालूपुरा में भी कांस्टेबल ने किया था सुसाइड

नौकरी का तनाव है या फिर पारिवारिक राजधानी के पुलिसकर्मी आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। गत 21 जून को ही जालूपुरा स्थित पुलिस क्वार्टर में कांस्टेबल विष्णु चौधरी ने आत्महत्या कर ली थी। उसकी पत्नी बच्चों सहित पीहर गई हुई थी। मामले कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिस वजह से आत्महत्या के कारणों का भी पता नहीं चल सका।