ज्यादातर हार्डकोर्ड अपराधियों के खिलाफ 10 से 40 के बीच मामले दर्ज होते हैं। पेशी पर ले जाते समय उनके भागने की ज्यादा आशंका रहती है। वह खुद या दूसरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हथकड़ी लगने के बाद यह सारी आशंकाएं खत्म हो जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि कोटा शहर से ज्यादातर हार्डकोर को बूंदी, बारां व झालावाड़ में पेशी पर ले जाया जाता है। वहीं पुलिस कुछ अपराधियों को अजमेर, जयपुर या प्रदेश के अन्य इलाकों में पेशी पर ले जाती है।