
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, पत्रिका फोटो
Inauguration Plaque Rules: जयपुर। सरकारी भवन, इमारतों के उद्घाटन और शिलान्यास पट्टिकाओं पर नाम लिखने को लेकर विधानसभा में गुरुवार को सियासी तकरार देखने को मिली। केकड़ी जिला अस्पताल की एमसीएच विंग के उद्घाटन को लेकर उठे विवाद के बाद चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश में जहां भी चिकित्सा संस्थानों के भवनों पर नियम विरुद्ध और गलत तरीके से नाम लिखे गए हैं, उन शिला पट्टिकाओं को हटाया जाएगा।
उल्लंघन हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने व्यवस्था देते हुए नियमों की पालना करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भविष्य में शिलान्यास और लोकार्पण की पट्टिकाओं पर केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नाम ही लिखे जाएं।
प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा तब गरमाया जब भाजपा सदस्य शत्रुघ्न गौतम ने केकड़ी (अजमेर) अस्पताल की एमसीएच विंग का अधूरा होने के बावजूद उद्घाटन किए जाने और शिलालेख पर पूर्व मंत्री, उनके पुत्र और कार्यकर्ताओं के नाम लिखे होने का मामला उठाया।
इस पर चिकित्सा मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के बावजूद विभाग की मंजूरी लिए बिना ही आनन-फानन में उद्घाटन कर दिया गया था। गौतम ने कहा कि आज भी वहां उद्घाटन की पट्टिका लगी हुई है। विभाग का जवाब पूर्णतया गलत और असत्य है।
खींवसर ने सदन में स्पष्ट किया कि उनके विभाग में केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधि ही उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान कई जगहों पर विधायक पुत्र और कार्यकर्ताओं तक के नाम शिलालेखों पर लिखे गए थे, ऐसे सभी नाम हटाए जाएंगे। बहस के दौरान स्पीकर देवनानी ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में तो शिलालेख पर प्रत्याशी का ही नाम लिख दिया गया था।
इसी मुद्दे पर मंत्री खींवसर और कांग्रेस के रामकेश मीणा के बीच बहस भी हुई। मीणा ने आरोप लगाया कि राजस्थान में चुनाव हार चुके भाजपा नेता सरकारी भवनों का उद्घाटन और शिलान्यास कर रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार में भी नियमों की अनदेखी कर उद्घाटन किए गए थे।
Published on:
06 Mar 2026 08:42 am
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