
कंचन अरोड़ा@ जयपुर। राजस्थान में अनार की पैदावार नए रेकॉर्ड कायम कर रही है। अनार के दाने की गुणवत्ता और मिठास के बूते यूरोपीय और खाड़ी देशों से इसकी डिमांड देखने को मिल रही है। प्रदेश में जालोर, बाड़मेर, सिरोही व जोधपुर जिलों में गत चार वर्षों में करीब 20000 हैक्टेयर में अनार के बगीचें स्थापित किए गए हैं। यहां का अनार यूरोपीय देशों एवं खाड़ी देशों में निर्यात हो रहा है।
यह संभव हो पाया है राजस्थान उद्यानिकी विकास मिशन के तहत राज्य सरकार की नए फल बगीचों की स्थापना संबंधित योजना से। इसके तहत किसानों के खेतों का रजिस्ट्रेशन भी करवाया जाता है। सिर्फ अनार ही नहीं, बल्कि किसान अधिक मूल्य वाली अन्य फसलों पर भी यह अनुदान हासिल कर सकते हैं। किसानों और निर्यातकों के बीच में सम्पर्क करवाने में एपीडा अहम भूमिका निभाती है। इससे फलों की पहुंच विदेशों में भी हो गई है। यहां से अनार के दाने यूएस निर्यात हो रहे हैं।
पात्रता व आवश्यक दस्तावेज
आवेदक के पास कृषि योग्य भू-स्वामित्व एवं ड्रिप सिंचाई संयंत्र की स्थापना के बाद ही कृषकों को अनुदान देय होगा। जनजाति क्षेत्र के किसानों को 0.4 हैक्टेयर से कम क्षेत्र में फल बगीचे लगाने पर बूंद-बूंद सिचाई संयत्र की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक, किसान द्वारा शपथ पत्र, जमाबंदी नकल, जन-आधार/ भामाशाह कार्ड की प्रति आदि आवश्यक है।
अनुदान का निर्धारण
सिर्फ अनार ही नहीं बल्कि अधिक मूल्य वाली एवं सामान्य अंतराल वाली फसलों पर निर्धारित इकाई लागत का 75 प्रतिशत अनुदान देय है। सघन बागवानी फलोद्यान के लिए निर्धारित इकाई लागत का 65 प्रतिशत अनुदान देय है। अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के लिए सभी प्रकार के बगीचा स्थापना पर इकाई लागत का 75 प्रतिशत अनुदान देय है। एक कृषक को न्यूनतम 0.4 हैक्टेयर एवं अधिकतम 4.0 हैक्टेयर क्षेत्र के लिए अनुदान देय होगा। अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों व जनजातीय क्षेत्रों के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल सीमा 0.2 हैक्टेयर रहेगी।
ऐसे करें आवेदन
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन स्वयं या नजदीकी ई मित्र केंद्र पर जाकर राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी या कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
Published on:
14 Sept 2023 03:29 pm
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