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प्रदेश में बिजली संकट और गहराया, अब इण्डस्ट्री में भी होगी कटौती!

प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। शहरों-ग्रामीण इलाकों के बाद अब औद्योगिक इकाइयों में भी बिजली कटौती की तैयारी है। संभवत: एक-दो दिन में कटौती का चार्ट लागू कर दिया जाएगा। ऐसे हालात के बीच सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार शाम को पावर मैनेजमेंट व कृषि कनेक्शन को लेकर बैठक बुलाई।

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प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। शहरों-ग्रामीण इलाकों के बाद अब औद्योगिक इकाइयों में भी बिजली कटौती की तैयारी है। संभवत: एक-दो दिन में कटौती का चार्ट लागू कर दिया जाएगा। ऐसे हालात के बीच सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार शाम को पावर मैनेजमेंट व कृषि कनेक्शन को लेकर बैठक बुलाई।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में ऊर्जा विभाग के अफसरों ने बिजली की कमी बताते हुए कटौती की जरूरत जता दी। इस बीच मुख्यमंत्री ने भी साफ कर दिया कि रबी सीजन है, इसलिए किसी भी कीमत पर कृषि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो। आवश्यकता पड़ने पर औद्योगिक आपूर्ति में कटौती कर किसानों को राहत देने के निर्देश दिए। फिलहाल 1200 से 1500 मेगावाट तक बिजली की कमी चल रही है।

ऊर्जा विभाग, ऊर्जा विकास निगम और डिस्कॉम्स मिलकर तय करेंगे कि कटौती के दायरे में कौनसी इण्डस्ट्री (लघु, मध्यम, वृहद) आएगी। कटौती का समय शाम का ही रहेगा, लेकिन कितने घंटे होगी यह भी तय करना है।

जल्द दो कृषि कनेक्शन

गहलोत का फोकस किसान रहे। उन्होंने लंबित कृषि कनेक्शन जल्द से जल्द देने के निर्देश दिए। अभी 1 लाख कृषि कनेक्शन देने बाकी हैं।

यह भी दिए निर्देश

जहां ट्रांसफार्मर जलने की समस्याएं आती हैं, वहां 72 घंटे के भीतर बदलें।

बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों का जिला एवं उपखंड स्तर पर ही समाधान करें।

शहर, गांव-ढाणी तक उपभोक्ताओं को बिना ट्रिपिंग के निर्बाध बिजली आपूर्ति।

कैप्टिव पावर प्लांट: 1200 मेगावाट का लोड बढ़ा, महंगा पड़ने लगा उत्पादन

सीमेंट, टैक्सटाइल और बड़ी औद्योगिक इकाइयों के कैप्टिव पावर प्लांट हैं, लेकिन इनमें से कई इकाइयों ने प्लांट बंद कर डिस्कॉम से ही बिजली लेनी शुरू कर दी। इससे बिजली डिमांड 1200 मेगावाट से ज्यादा बढ़ गई। कोयले की कीमत बढ़ने के कारण ऐसेऔद्योगिक इकाई संचालकों को बिजली उत्पादन महंगापड़ने लगा।

बैठक में ये शामिल... ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी, मुख्य सचिव उषा शर्मा, वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोडा, ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए. सावंत, ऊर्जा सलाहकार ए.के. गुप्ता, राज्य विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी आर.के शर्मा, विद्युत प्रसारण निगम के सीएमडी आशुतोष पेडणेकर के अलावा तीनों डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक शामिल हुए।


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