
Mistakes while filling the application of Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
जयपुर
PMFBY: अभी रबी सीजन की फसलों का समय है। केन्द्र सरकार ने रबी सीजन की फसलों के बीमा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की अधिसूचना जारी कर रखी है। ये बीमा योजना किसानों की फसलों को सुरक्षा कवच देकर बुरे वक्त में किसानों को राहत पहुंचाने वाली है। किसान 31 दिसंबर तक अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। हालांकि बीमा उन्हीं फसलों का किया जाएगा जो नोटिफिकेशन में दी गई हैं। दरअसल, काफी बार ऐसा होता है कि प्राकृतिक आपदा से किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है और फसलें बर्बाद हो जाती हैं। अगर किसान फसलों का बीमा करवा लेते हैं तो प्राकृतिक आपदा होेन वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है। आपको बता दें कि बीमा योजना के तहत गेहूं, चना, सरसों, जौ, सूरजमुखी के साथ अन्य फसलों का बीमा किया जाएगा। कोई भी किसान फसल बीमा का लाभ ले सकता है। ऋणी किसानों के साथ ही गैरऋणी किसान, बंटाईदार किसान भी इस योजना के तहत फसल बीमा करवा सकते हैं।
खातों से कटेगा प्रीमियम
मिली जानकारी के मुताबिक ऋणी और कृषि कार्ड वाले किसानों का बीमा प्रीमियम सीधे ही उनके खातों से काट लिया जाएगा। वहीं, गैर ऋणी किसान बैंक में फसल और जमीन की जानकारी देकर फसलों का बीमा करवा सकते हैं। फसल बीमा किसानों के लिए फायदेमंद होता है। किसान रबी 2019-20 की फसलों का बीमा आगामी 31 दिसम्बर तक करवा सकते हैं। कई स्थानों पर फसल बीमा करवाने के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। बीमा कंपनियां ग्रामीण क्षेत्रों में रथ यात्रा निकालकर भी योजना की जानकारी किसानों तक पहुंचा रही हैं।
लाभदायक है यह योजना
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए काफी लाभदायक है। इसकी प्रमुख वजह है कि किसानों को इस योजना से जुड़ने के लिए काफी कम प्रीमियम कम देना पड़ता है। प्रीमियम का ज्यादातर हिस्सा सरकारी स्तर पर वहन किया जाता है। कई बार ऐसा होता है कि योजना की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण गैर ऋणी किसान बीमा नहीं करवाते हैं और योजना से वंचित रह जाते हैं।
खराबे पर मिला है बीमा क्लेम
इस योजना के तहत ओलावृष्टि, भू-स्खलन, जलभराव तथा फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाई हेतु रखी गई अधिसूचित फसल को चक्रवाती वर्षा/बेमौसम वर्षा, आकाषीय बिजली से उत्पन्न आग चक्रवात से क्षति होने की स्थिति में बीमित किसान की ओर से आपदा के 72 निर्धारित समय घन्टों के अन्दर सीधे बीमा कम्पनी को, सम्बन्धित बैंक शाखा, बीमा कम्पनी की प्रतिनिधि/टोल फ्री नम्बर के साथ ही कृषि विभाग के अधिकारी को बीमित फसल का नाम व प्रभावित खेत के खसरा संख्या के विवरण के साथ सूचित किया जाना जरूरी है। प्रतिकूल मौसम से उपजी परिस्थितियों के साथ अन्य जोखिम होने पर भी किसानों को इसका लाभ मिलता है।
Published on:
10 Dec 2019 05:40 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
