
जयपुर। विधानसभा में शुक्रवार को 19 जिले और तीन संभागों की घोषणा करके मुख्यमंत्री गहलोत ने बड़ा सियासी दांव खेला है। मुख्यमंत्री की ओर से की गई जिलों और संभागों की घोषणा को प्रदेश में 9 महीने के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि नए जिलों के जरिए मुख्यमंत्री गहलोत मतदाताओं का साधने का प्रयास कर रहे हैं। वही सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिन 19 नए जिलों की घोषणा की है उनमें से 5 जिले ऐसे हैं जहां पर विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को लगातार हार का सामना करना पढ़ रहा है, ऐसे में जिन सीटों पर पार्टी को लगातार हार मिल रही है, उन विधानसभा क्षेत्रों को भी जिले बनाकर कहीं न कहीं विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वहां के मतदाताओं को साधने का प्रयास किया गया है।सीएम गहलोत बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली अनूपगढ़, फलौदी, ब्यावर, शाहपुरा और सलूंबर को जिला बनाया है। जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।
किन सीटों पर कितनी बार चुनाव हारे
-अनूपगढ़
गहलोत सरकार ने श्रीगंगानगर में आने वाले अनूपगढ़ को नया जिला घोषित किया है। अनूपगढ़ में लगातार तीन बार से सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ रहा है। 2008 के चुनाव में सीपीएम के पवन दुग्गल यहां से चुनाव जीते थे, उसके बाद 2013 में बीजेपी की शिमला बावरी ने चुनाव जीता था। उसके बाद 2018 के विधानसभा में भी बीजेपी की संतोष बावरी यहां से जीतकर विधायक बनी हैं। ऐसे में अनूपगढ़ को जिला बना कर मुख्यमंत्री गहलोत ने यहां के मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने का प्रयास किया है।
-फलौदी
जोधपुर जिले में आने वाले फलौदी को भी सीएम गहलोत ने नया जिला घोषित किया है। फलौदी विधानसभा क्षेत्र में लगातार दो बार से सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ रहा है। 2008 में यहां से कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की थी लेकिन उसके बाद 2013 और 2018 में हुए विधानसभा में बीजेपी के पब्बाराम यहां से चुनाव जीते हैं।
-ब्यावर
पहले अजमेर जिले के तहत आने वाले ब्यावर को भी अब सीएम गहलोत ने नया जिला घोषित किया है। दिलचस्प बात तो यह है कि ब्यावर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी को लगातार तीन बार से हार का सामना करना पड़ रहा है। साल 2008, 2013 और 2018 में बीजेपी के शंकर सिंह रावत यहां से विधायक चुने गए हैं ।
-शाहपुरा(भीलवाड़ा)
भीलवाड़ा जिले के तहत आने वाले शाहपुरा को भी मुख्यमंत्री गहलोत ने नया जिला घोषित किया है। शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र एससी वर्ग के लिए रिजर्व है, इस सीट पर लगातार दो बार से बीजेपी के कैलाश मेघवाल चुनाव जीतकर आ रहे हैं। हालांकि 2008 में यहां पर कांग्रेस पार्टी को जीत मिली थी लेकिन उसके बाद 2013 और 2018 में कैलाश मेघवाल यहां से विधायक चुने गए हैं। मेघवाल को पूर्व मुख्यमंत्री राजे का करीबी माना जाता है।
सलूंबर
पहले उदयपुर जिले में आने वाले सलूंबर को भी मुख्यमंत्री गहलोत ने नया जिला घोषित किया है। सलूंबर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रघुवीर मीणा चुनाव लड़ते रहे हैं। लेकिन बावजूद इसके सत्तारूढ़ कांग्रेस को ही यहां विधानसभा चुनाव 2013 और 2018 में हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि 2008 के विधानसभा चुनाव में रघुवीर मीणा यहां से विधायक चुने गए थे लेकिन उसके बाद लोकसभा चुनाव में रघुवीर मीणा उदयपुर से सांसद बन गए थे और उनकी पत्नी सलूंबर उपचुनाव में जीतकर यहां से विधायक बनी थी। 2013 और 2018 के चुनाव में बीजेपी के अमृतलाल यहां से चुनाव जीतकर विधायक बने हैं। ऐसे में नए जिलों के जरिए सरकार इन सीटों पर मिल रही हार का तिलिस्म तोड़ने का प्रयास करेगी।
Published on:
18 Mar 2023 11:59 am
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