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राज्यसभा चुनाव के बाद अब मंत्रिमंडल फेरबदल की तैयारी, रोटेशन प्रणाली की चर्चा

जुलाई में मंत्रिमंडल फेरबदल किए जाने की चर्चाएं, मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार दिख सकती है रोटेशन प्रणाली, सभी जिलों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने पर चल रहा है मंथन

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Gehlot government

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फिरोज सैफी/जयपुर।

राज्यसभा चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल की कवायद शुरू हो गई है। जुलाई में कभी भी मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। सत्ता और संगठन से जुड़े करीबियों ने भी इसके संकेत दिए हैं। हालांकि संगठन में उच्च स्तर पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक इस बार मंत्रिमंडल विस्तार पर रोटेशन प्रणाली देखने को मिल सकती है।

रोटेशन प्रणाली लागू होने को लेकर फिलहाल कांग्रेस आलाकमान की हरी झंडी का इंतजार है। 23 जून को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में भी जहां-जहां कांग्रेस पार्टी की सरकारें हैं वहां मंत्रिमंडल में रोटेशन प्रणाली लागू किए जाने पर चर्चा हो सकती है।

सूत्रों की माने तो अगर मंत्रिमंडल विस्तार में रोटेशन प्रणाली लागू होती है, कई मंत्रियों को बदला जा सकता है, और कई नए मंत्री सामने आ सकते हैं।


रोटेशन प्रणाली एक बड़ी वजह ये भी
विश्वस्त सूत्रों की माने तो मंत्रिमंडल में रोटेशन प्रणाली की एक बड़ी वजह है भी कि मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 30 से ज्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते हैं, वर्तमान मंत्रिमंडल में अभी मुख्यमंत्री सहित 25 मंत्री हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पांच मंत्री और बनाए जा सकते हैं, लेकिन सरकार के सामने दुविधा ये है कि बसपा के 6 और 13 निर्दलीय विधायकों के साथ कांग्रेस में दो दर्जन से ज्यादा नेता ऐसे हैं जो मंत्री बनने की कतार में हैं।

ऐसे में इन विधायकों में से किसे मंत्रिमंडल में लिया जाए और किसी नहीं, ये परेशानी सरकार के सामने पेश आ रही है। इसका अलावा कई जिले ऐसे भी जो मंत्रिमंडल से मेहरूम हैं। ऐसे में चर्चा यही है कि सरकार मंत्रिमंडल में रोटेशन प्रणाली लागू कर डेढ़-डेढ़ साल के लिए मंत्री बनाकर सभी को संतुष्ट करने का प्रयास कर सकती है।


2022 के राज्यसभा चुनाव पर भी नजर
वहीं चर्चा ये भी है कि 2022 में राज्यसभा की चार सीटें पर चुनाव होंगे, ऐसे में सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायकों की नाराजगी मोल नहीं ले सकती है। विधायकों की नाराजगी दूर करने और उन्हें 2022 के राज्यसभा चुनाव तक एकजुट रखने के लिए रोटेशन प्रणाली मंत्रिमंडल में लागू की जा सकती है।


ये जिले मंत्रिमंडल से मेहरूम
वहीं मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व की बात करें तो राज्य के कई जिले ऐसे हैंजो मंत्रिमंडल से मेहरूम हैं इन जिलों में धौलपुर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सिरोही, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर और प्रतापगढ़ शामिल हैं।