
राजस्थान विधानसभा में डूंगरपुर के कद्दावर आदिवासी नेता और कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने पुलिस प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया है। शून्यकाल के दौरान बोलते हुए घोघरा ने कहा कि डूंगरपुर सहित पूरे प्रदेश में पुलिस आम जनता को लूटने का अड्डा बन गई है। उनके इस बयान ने सत्ता पक्ष को बचाव की मुद्रा में ला खड़ा किया है।
गणेश घोघरा ने सदन में डूंगरपुर जिले की कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा, "प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन थानों में गरीब आदमी की सुनवाई नहीं हो रही। पुलिस खुद अपराधी बन गई है।''
घोघरा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज एक साधारण FIR दर्ज कराने के लिए गरीब आदिवासियों से 10 से 15 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। पुलिस सुरक्षा देने के बजाय लोगों को लूटने का काम कर रही है।"
यह पहली बार नहीं है जब घोघरा ने सदन में आग उगलते बयान दिए हों। कुछ दिन पहले ही उन्होंने आदिवासियों की जमीनों के मुद्दे पर सरकार को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, "आदिवासियों के पास पहले ही छोटी-छोटी जमीनें हैं, सरकार उन्हें भी छीनना चाहती है। अगर आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल किया गया, तो उन्हें अपनी रक्षा के लिए हथियार उठाना पड़ेगा।"
पूर्व में घोघरा के कई बयान विवादों और चर्चाओं में रह चुके हैं। विधानसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान एक बार उन्होंने कहा था कि आदिवासियों की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान अलग है और वे हिंदू नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस आदिवासियों के स्वयंभू ठेकेदार बनकर धर्मांतरण के नाम पर सामाजिक असंतोष फैला रहे हैं और आदिवासियों की मूल पहचान को मिटाने की साजिश कर रहे हैं।
विधायक गणेश घोघरा अपनी बेबाक और कई बार अमर्यादित भाषा के लिए भी चर्चा में रहते हैं। सदन की कार्यवाही के दौरान एक बार उन्होंने टोका-टाकी करने वाले सदस्य को सरेआम कह दिया था— "ओए, बात मत कर, नहीं तो मेरा जूता बात करेगा। बीच में डिस्टर्ब मत कर।" उनके इस कड़े तेवर के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरते हैं।
Updated on:
09 Mar 2026 04:34 pm
Published on:
09 Mar 2026 04:34 pm
