अधिनियम के अनुसार विश्वविद्यालय में प्रबंध, विद्या, संकाय, अध्ययन, वित्त और लेखा समिति, अनुसंधान, खेल एवं छात्र कल्याण और नवाचार बोर्ड होंगे। कुलाधिपति की ओर से कुलगुरु की नियुक्ति किए जाने के बाद प्रबंध बोर्ड का गठन होगा। विश्वविद्यालय में संकाय बोर्ड के तहत आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार अन्य संकायों में अध्ययन होगा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस विश्वविद्यालय के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर की भूमि में से 11.93 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया है।