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मिडिल ईस्ट संकट: अशोक गहलोत ने मोदी सरकार को याद दिलाया अपना ‘एविएशन’ अनुभव, और कह डाली ये काम की बात

मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध और ईरान-इजरायल के बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की मोदी सरकार को अपने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए एक महत्वपूर्ण सलाह दी है।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 9 Mar 2026, 3:27 PM IST

खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किरायों में 3 से 4 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजस्थान, जहाँ के लाखों लोग खाड़ी देशों (दुबई, कुवैत, कतर, सऊदी अरब) में काम करते हैं, वहां इस खबर ने प्रवासियों के परिवारों में हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर मुद्दे पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।

40 साल पुराना अनुभव और मोदी सरकार को सलाह

अशोक गहलोत ने अपनी अपील में विशेष रूप से नागरिक उड्डयन मंत्रालय में अपने पुराने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, 'नागरिक उड्डयन मंत्रालय में अपने पुराने अनुभवों के आधार पर मेरा मानना है कि संकट के समय में आम जन को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।'

गहलोत का 'एविएशन अनुभव'

बता दें कि गहलोत के पास विमानन क्षेत्र का गहरा अनुभव है:

  • 1982–83: वे केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन उप मंत्री (Deputy Minister) रहे।
  • 1984–85: वे केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (Union Minister of State) के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अपने इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि आपदा के समय एयरलाइंस को मुनाफाखोरी (Profiteering) की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

राजस्थान के प्रवासियों और छात्रों पर 'किराया बम' की मार

पूर्व सीएम ने कहा राजस्थान के शेखावाटी (सीकर, झुंझुनूं, चूरू) और मारवाड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग मिडिल ईस्ट में नौकरी करते हैं। उन्होंने कहा कि किराये में यह बढ़ोतरी बेहद चिंताजनक है, जिससे प्रवासियों की अपने काम और शिक्षण संस्थानों तक वापसी मुश्किल हो गई है।

'Price Cap' की मांग: आपदा को अवसर न बनाएं एयरलाइंस

पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह एयरलाइंस के साथ मिलकर तुरंत 'Price Cap' (अधिकतम किराया सीमा) निर्धारित करे। उन्होंने तर्क दिया कि संकट के समय में आम जन को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपदा के समय एयरलाइंस द्वारा अतिरिक्त मुनाफा कमाना जनहित में नहीं है।

राजस्थान की इकोनॉमी पर भी पड़ेगा असर

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में 'रेमिटेंस' (विदेशों से आने वाला पैसा) का बड़ा योगदान है। यदि हवाई किरायों के कारण प्रवासियों का आना-जाना बाधित होता है, तो इसका सीधा असर प्रदेश के व्यापार और स्थानीय परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। गहलोत की यह अपील इसी बड़े सामाजिक और आर्थिक संकट की ओर इशारा करती है।