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स्वास्थ्य बीमा योजना से एनएफएसए को अलग करने की तैयारी

- तीस लाख से अधिक लोग केवल स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ लेने के लिए शामिल हुए एनएफएसए में

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जयपुर।

प्रदेश में आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ लेने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची (एनएफएसए) में शामिल हुए लोगों पर गाज गिर सकती है। दरअसल, राज्य सरकार आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना को खाद्य सुरक्षा सूची से अलग करने की तैयारी कर रही है। खाद्य विभाग की ओर से इस संबंध में ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया गया है। पिछले दिनों सीएमओ में हुई विभाग की रिव्यू बैठक में भी इस संबंध में विभागीय मंत्री रमेश चंद मीना व अधिकारियों ने सीएम अशोक गहलोत से चर्चा की थी। चर्चा के बाद अब ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को भिजवाया गया है। ड्राफ्ट पर सीएम से अनुमति मिलने का इंतजार है।


30 लाख से अधिक लोग केवल स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेने के लिए जुड़े
प्रदेश में पिछली सरकार ने साल 2015 भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की गई। इस बीमा योजना में पात्र व्यक्ति उसे ही माना गया, जिसका नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल है। अस्पताल में नि:शुल्क इलाज का लाभ लेने के लिए पिछले चार वर्षों में खाद्य सुरक्षा सूची में लाभार्थी तेजी से बढ़े। इनमें ज्यादातर वे लोग शामिल हुए हैं, जो आर्थिक रूप से गरीब नहीं हैं। केवल स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेने के लिए उन्होंने अपना नाम जुड़वाया। ऐसे लोगों को संख्या 30 लाख से अधिक है। इन पर अब सरकार की निगाहें जमी हुई हैं। इसी के चलते जनवरी 2019 से खाद्य सुरक्षा सूची से छंटनी भी की जा रही है। जनवरी 2019 से अब तक 11 लाख लोगों के नाम कांटे गए, जबकि 45 लाख लोगों के नाम जोड़े भी गए। बड़ी संख्या में अपात्र व्यक्ति जुड़े होने के कारण पात्र गरीब लोगों को अनाज से वंचित रहना पड़ रहा है।


यूं सामने आई सच्चाई
स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ लेने के लिए लाखों लोगों ने अपना एनएफएसए में जडुवाया है, यह सच्चाई कोरोना काल में सामने आई। दरअसल, 30 लाख से अधिक लोग प्रदेश में पिछले एक वर्ष से राशन के गेंहू नहीं ले रहे थे। इतना ही नहीं, लॉकडाउन होने के बाद भी पिछले दो महीनों में 20 लाख से अधिक लोगों ने गेहूं नहीं लिया। इससे विभागीय अधिकारियों का शक पुख्ता हो गया। अक्टूबर 2019 में भी अबेयंस सूची तैयार की गई थी, जिसमें हर महीने राशन हीं लेने वाले 30-40 लाख लोगों के नाम शामिल थे। कोरोना वायरस फैलने के कारण यह जांच पूरी नहीं हो पाई।


बड़ा सवाल : स्वास्थ्य बीमा योजना में कैसे होगी गरीब की गिनती
आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत गरीब व्यक्तियों का अस्पतालों में पांच लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज किया जाता है। इस योजना का लाभ केवल गरीब व्यक्तियों की ही दिया जाता है। गरीबी एनएफएसए को माना गया। लेकिन जब इसे हटा दिया जाएगा तो गरीब व्यक्ति की पहचान करना कठिन हो जाएगा।


- साल 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की कुल जनसंख्या 6.86 करोड़।
- प्रदेश में खाद्य सुरक्षा में शामिल 4.94 करोड़ लोग।
- केंद्र सरकार ने 4.46 करोड़ लोगों की सीलिंग कर रखी।
- करीब 50 लाख लोग पात्र होने के बावजूद एनएफएसए के लाभ से वंचित।
- लॉकडाउन के दौरान जरुरतमंदों की संख्या बढ़ी, राशन की दुकान, नगर निगम कार्यालय में लोग एनएफएसए में शामिल होने भागे।
- एनएफएसए में शामिल 20 लाख लोग लॉकडाउन के दौरान भी गेहूं लेने नहीं आए।


- काफी लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेने के लिए एनएफएसए में शामिल हैं। इस विषय पर बैठक में सीएम से भी चर्चा हुई थी। उन्होंने ड्राफ्ट भिजवाने के लिए कहा था।
- रमेश चंद मीना, खाद्य मंत्री