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Rajasthan Govt New Rule: राजस्थान के बड़े शहरों में 24 घंटे दुकान खोलने की तैयारी, पर कौन देगा ट्रेड लाइसेंस?

Rajasthan Night Market Plan: राजस्थान सरकार प्रदेश के शहरों में दुकानों को सशर्त 24 घंटे खोलने की तैयारी कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में व्यापारियों के पास अभी तक ट्रेड लाइसेंस ही नहीं है।

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Rajasthan Night Market Plan

Photo: AI-generated

जयपुर। राजस्थान सरकार प्रदेश के शहरों में दुकानों को सशर्त 24 घंटे खोलने की तैयारी कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में व्यापारियों के पास अभी तक ट्रेड लाइसेंस ही नहीं है। जबकि, श्रम विभाग जो प्रस्ताव तैयार कर रहा है, उसमें वन टाइम लाइसेंस लेने वालों को इसमें शामिल करने पर मंथन चल रहा है।

आजीवन लाइसेंस देने के पीछे मंशा है कि बार-बार लाइसेंस के चक्कर में परेशान नहीं होना पड़े। ऐसा हुआ तो भविष्य में वही दुकानें चौबीस घंटे खुल सकेंगी, जिनके पास नगरीय निकाय का वैध लाइसेंस होगा। यह काम नगरीय निकाय स्तर पर कराने पर विचार चल रहा है, क्योंकि निकाय ही ट्रेड लाइसेंस भी जारी करते हैं। बता दे कि सरकार की जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर सहित प्रदेश के कई बड़े शहरों में 24 घंटे दुकानें खोलने की तैयारी है, ऐसे में शहरों के बिज़नेस को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

स्वायत्त शासन विभाग अभी तक लागू नहीं कर पाया ट्रेड लाइसेंस के नियम

सूत्रों के मुताबिक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में स्वायत्त शासन विभाग और जयपुर नगर निगम ग्रेटर ने प्रदेश के सभी शहरों में ट्रेड लाइसेंस लागू करने के नियम तैयार कर लिए थे। इसके तहत हर तरह के व्यापार, दुकान, होटल, गोदाम, ठेला सहित अन्य को लाइसेंस के दायरे में लाना था। हालांकि, उस समय सरकार ने इन नियमों को लागू करने से रोक दिया था। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने बजट में 24 घंटे दुकानों के संचालन की घोषणा की थी।

इसलिए मान रहे जरूरी

अफसरों का मानना है कि यदि 24 घंटे दुकान खोलने की छूट दी जाती है, तो सुरक्षा, साफ-सफाई और निगरानी के लिहाज से लाइसेंस सिस्टम जरूरी होना चाहिए। इससे प्रशासन के पास दुकानों का रिकॉर्ड रहेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

अभी यह चुनौती

नगर निगम, पालिका और नगर परिषदों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि पहले बड़े पैमाने पर व्यापारियों को लाइसेंस के दायरे में लाया जाए, लेकिन इसके लिए पहले नियम बनाकर उसे लागू करना होगा। यह किसी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि व्यापारियों के लिए इसके लिए आसानी से तैयार होना मुश्किल है। अभी रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार व अन्य कुछ एक व्यापारिक गतिविधियों के लिए ही ट्रेड लाइसेंस दिया जा रहा है।