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महज जिंदाबाद नहीं कहें….महिलाएं आगे बढ़ें और देश को मजबूत बनाएं

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने बेणेश्वर धाम में आदिवासी महिलाओं के बीच कहा, सभी वर्ग आदिवासियों से सीख लें - सुबह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन भी किए

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जयपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि आदिवासी कम से कम संसाधनों का उपयोग कर प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना आनंदपूर्वक जीवन जीते हैं, इनसे समाज का हर वर्ग बहुत कुछ सीख सकता है। वे आदिवासियों महिलाओं का उत्साह देखकर खुश नजर आईं। राष्ट्रपति ने नारी शक्ति जिंदाबाद, मातृ शक्ति जिंदाबाद का नारा लगाते हुए कहा कि महज जिंदाबाद कहने से काम नहीं चलेगा, हमें आगे बढ़ना होगा एवं देश को सशक्त बनाना होगा। यदि महिलाएं बैठी रहेंगी तो देश कैसे चलेगा। आर्थिक-सामाजिक विकास के लिए पुरुष-महिला दोनों को बराबर का भागीदार बनना होगा।
राष्ट्रपति मुर्मु ने बुधवार को डूंगरपुर जिले के बेणेश्वर धाम में राजीविका के लखपति दीदी सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम के बाद वे दिल्ली रवाना हो गईं। इससे पूर्व उन्होंने आदिवासियों के आस्था केंद्र वागड़ प्रयाग बेणेश्वर धाम स्थित हरि मंदिर में दर्शन कर परिक्रमा की एवं संत मावजी महाराज की ओर से 300 वर्ष पूर्व की गई भविष्यवाणियों के बारे में जानकारी ली। वे बेणेश्वर धाम में करीब साढ़े तीन घंटे रूकीं, इस दौरान उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के लिए 250 करोड़ रुपए के लोन एवं महिला निधि के 50 करोड़ के चेक वितरित किए। इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु बुधवार सुबह जयपुर से मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं, जहा उन्हें व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बालाजी मंदिर में प्रवेश कराया गया। उन्होंने बालाजी महाराज के दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। महंत नरेशपुरी ने दोनों को बालाजी महाराज के चोले का टीका लगाया।

राष्ट्रपति ने खरीदे तीर कमान
मेहंदीपुर बालाजी से राष्ट्रपति मुर्मु अपरान्ह 3 बजे बेणेश्वर धाम पहुंचीं, जहां आदिवासी लोक कलाकारों ने वागड़ अंचल के दांगड़ी नृत्य से उनका मन मोह लिया। इस दौरान आदिवासी महिलाएं उत्साह से लबरेज नजर आईं। राष्ट्रपति मुर्मु तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वहां स्वयं सहायता समूहों से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन करते समय महिला उद्यमियों से संवाद किया। राष्ट्रपति ने महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य गीता देवी से हस्तनिर्मित तीर कमान खरीदे, वहीं कार्यक्रम में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 11 राजीविका सखियों को पुरस्कृत किया।

आदिवासी सेना ने राणा का साथ दिया
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है और आतिथ्य सत्कार भी यहां की पहचान है। उन्होंने महाराणा प्रताप का स्मरण करते हुए कहा कि आदिवासी सेना ने राणा का साथ दिया।

11.27 महिलाओं को बनाएंगे लखपति दीदी-सीएम
सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 11 लाख 27 हजार महिलाओं को अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। इनमें से 2.80 लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ भी चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राजीविका मिशन के माध्यम से 3 लाख 81 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 46 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। इस मौके पर असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बेणेश्वर धाम आने वाली मुर्मु पहली राष्ट्पति हैं। समारोह में टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी, ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा भी मौजूद रहे।