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अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष ने लिखा Pm Modi को Letter

अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष और सदस्य सीईसी ईडा रामचंद्र चौधरी ने लिखा पत्रसहकारिता,पशुपालन और डेयरी आदि के लिए आर्थिक सहयोग की मांगपहले पत्र लिख चुके हैं चौधरी

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जयपुर

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Rakhi Hajela

May 31, 2021

अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष ने  लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र

अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष ने लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र



जयपुर, 31 मई
प्रदेश में अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष और सदस्य सीईसी ईडा रामचंद्र चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर पत्र भेजकर कोरोना संक्रमण काल में सहकारिता क्षेत्र, पशुपालन, डेयरी आदि की दयनीय स्थिति से अवगत कराते हुए पूर्ववर्ती घोषणाओं को लागू करने व आर्थिक सहयोग की मांग की है।
अजमेर डेयरी सदर रामचंद्र चौधरी ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि सात करोड़ से ज्यादा लोग डेयरी और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े हैं और इसके जरिए ही अपना, अपने परिवार का व पशुओं का लालन पालन कर रहे हैं। चौधरी ने केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पशु संवर्धन और डेयरी सेक्टर को 2020-21 में आवंटित बजट का सतही तौर पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में डेयरी क्षेत्र दयनीय स्थिति में खड़ा है और कोरोना ने तो स्थिति विकट कर दी है क्योंकि केंद्र की दूषित नीतियों के कारण केंद्रीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
चौधरी ने एफएमडी रोग को समाप्त करने के लिए सभी पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया और बताया कि देश में केवल 10 से 15 प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाया है। तीन साल में सभी जानवरों के टैगिंग करने के काम को भी वे पूरा नहीं कर पाए है। सेक्स सीमन कार्यक्रम भी पूरी तरह विफल है और केवल दस प्रतिशत ही इस पर काम हुआ है जो निराशावादी है। पशु नस्ल सुधार के लिए पहले चरण में पंद्रह हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया था और राष्ट्रीयकृत बैंकों के जरिए 1.60 लाख प्रति किसान देने का वादा किया गया और किसानों से सीधे पीएमओ पोर्टल पर आवेदन मांगे गए लेकिन ऋण का वितरण नहीं किया गया जिससे पशुपालक व किसान निराश हैं।
केंद्र सरकार ने कोरोना की विषम परिस्थितियों के बावजूद पशुपालकों के लिए किसी तरह के राहत पैकेज की घोषणा नहीं की है इसलिए अब भारत सरकार को दुग्ध उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पांच रुपए प्रति लीटर की दर दी जानी चाहिए। चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी के ठोस नेतृत्व के बावजूद पशुपालकों व डेयरी क्षेत्र को केंद्र से कुछ नहीं मिलने पर अफसोस जताया और प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पत्र में दिए गए तथ्यों के आधार पर केंद्र सरकार तत्काल प्रभावी ढंग से डेयरी सेक्टर को बेहतर बनाने में पहल व मदद करें।