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गेहूं, मक्का और चने के भाव स्थिर, आटा 1025 से 1100 रूपए प्रति 50 किलो में उपलब्ध

लॉकडाउन के दौरान इन दिनों गेहूं की कीमतों में दबाव बना हुआ है। कमजोर मांग के चलते मिल डिलीवरी दड़ा गेहूं के भाव गुरुवार को 1850 से 1870 रूपए प्रति क्विंटल रहे...

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जयपुर

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Dinesh Saini

May 15, 2020

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जयपुर। लॉकडाउन के दौरान इन दिनों गेहूं की कीमतों में दबाव बना हुआ है। कमजोर मांग के चलते मिल डिलीवरी दड़ा गेहूं के भाव गुरुवार को 1850 से 1870 रूपए प्रति क्विंटल रहे। खाद पदार्थ व्यापार संघ मुहाना अनाज मंडी के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन और मंडियों में कृषक कल्याण शुल्क के विरोध में 9 दिन चली हड़ताल के बावजूद गेहूं, मक्का जौ आदि खाद्य जिंसों के भाव स्थिर बने हुए हैं। राज्य के बाहर से आने वाले गेहूं का कारोबार 25 से 50 रूपए प्रति क्विंटल कम पर हो रहा है।

जयपुर में चक्की आटा 1025 से 1100 रूपए प्रति 50 क्विंटल आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि गेहूं के आटे की कीमती समान बनी हुई है। अन्नपूर्णा ट्रेडिंग कंपनी के केजी झालानी ने कहा कि गेहूं के भावों में किसी भी प्रकार की तेजी मंदी नहीं है। डिमांड व सप्लाई सामान्य होने से आटे के भाव पूर्व स्तर पर स्थिर चल रहे है। वहीं लॉकडाउन के कारण जौ की कीमतें काफी नीचे चल रही है। माल्ट कंपनियों की कमजोर लिवाली के चलते लूज जौ http://cms.zimbea.com/publishers/add/iiuB5Qme/EdRbklq2के भाव 1400 रूपए 50 प्रति क्विंटल के आसपास बने हुए हैं।

मक्का 3 साल के न्यूनतम स्तर पर
लॉकडाउन के दौरान मक्का की कीमतें निरंतर गिर रही है। स्टार्च, कारखाना एवं स्टॉकिस्टकों की डिमांड नहीं होने से जयपुर मंडी में मक्का डेढ़ माह के अंतराल में 325 रूपए मंदी होकर 1325 रूपए प्रति क्विंटल पर आ गई है। यानी मक्का की कीमतें 3 साल के न्यूनतम स्तर पर आ गई है। लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में जयपुर मंडी में मक्का 1650 रूपए प्रति क्विंटल बिकी थी, जो कि अब 1325 रूपए प्रति क्विंटल बिकने लगी है। कारोबारी राकेश खंडेलवाल ने बताया कि इस साल बिहार में मक्का की पैदावार डेढ़ गुना हुई है।