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प्रधानमंत्री आवास योजना में लक्ष्य दो लाख से ज्यादा का लेकिन अबतक सिर्फ एक लाख आवास की स्वीकृति

ग्रामीण विकास योजनाओं सभी स्वीकृतिया 15 सितम्बर तक जारी करें
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panchayti raj sansthan

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इन्दिरा गांधी पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में प्रदेश के समस्त जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में संचालित महात्मा गांधी नरेगा,सांसद व विधायक कोष एवं विवके जिला योजना, गुरू गोलकर जन भागीदारी योजना, स्मार्ट विलेज, श्यामा प्रसाद मुखर्जी सर्बन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान, मुख्यमंत्री जल स्वालम्बन अभियान योजनाओं कि जिले वार समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग की संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की स्वीकृतियां 15 सितम्बर 2018 तक जारी कर कार्य शुरू कराये। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू नहीं होने और कई जगह शुरू होने के बाद भी पूरे नहीं होने पर अधुरे कार्यो को जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। पंचायती राज मंत्री ने मनरेगा में स्वीकृत कार्यो को पूर्ण कराने के साथ मजदूरों का भुगतान 15 दिन में कराने और रोजगार देने के बाद रसीद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलों के जन प्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कर जबाव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये।प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुऐ प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में 2 लाख 13 हजार 204 आवास बनाने का लक्ष्य है जिससे से अबतक 1 लाख 28 हजार आवासों की स्वीकृति जारी की गयी है।

अधुरे आवासों का पूरा कराने के लिए विट आॅफिसर नियुक्त करने के निर्देष दिये। उन्होंने कहा प्रदेश में 14 लाख 62 हजार 821 चिन्हिकरण करने पाये गये है जिनकी सूचना भारत सरकार को भेज दी है, इन परिवारों की ‘‘आवास प्लसएप’’ पर 31 जुलाई तक आवास एप पर अपलोड करने के निर्देश दिये।सभी अधिकारियों को पूर्ण हो चुके उन निर्माण कार्यो की सीसी का शीघ्र समायोजित कराने कि निर्देश दिये। उन्होंने मनरेगा में स्कूल की चार दीवारी, खेल मैदान, विकसित करने आंगनबाडी केन्द्रो का निर्माण जैसे कार्यो को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये।