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राजस्थान : अब कैदियों को जेलों से ‘आज़ाद’ करेगी गहलोत सरकार, जानें क्या है ‘प्लान’?

राजस्थान : अब कैदियों को जेलों से 'आज़ाद' करेगी गहलोत सरकार, जानें क्या है 'प्लान'?

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Prisoners to be released on 26 January by Gehlot Government

जयपुर/ बीकानेर।

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत प्रदेशभर की जेलों में सजा भुगत रहे 33 कैदियों को 26 जनवरी को रिहा किया जाएगा। राजस्थान प्रदेश की गहलोत सरकार ने इन सभी दोष सिद्ध कैदियों की शेष सजा माफ कर दी है। इस संबंध में राजस्थान सरकार के गृह विभाग (ग्रुप-12) के उप शासन सचिव गोविंद गुप्ता ने आदेश जारी किए हैं।

आईजी जेल जयपुर विक्रम सिंह करणावत ने बताया कि जयपुर केन्द्रीय कारागार से मोहम्मद आसिफ व धन्ना, बीकानेर केन्द्रीय कारागार से दिलीप उर्फ स्वामी समर्पन, सोनू उर्फ लवली, सलीम उर्फ वाहिद, सुनील उर्फ जगदीश को रिहा किया जाएगा।

इसी तरह जोधपुर केंद्रीय कारागार से बंदी साहब सिंह उर्फ गोविंद, ताज मोहम्मद उर्फ ताजिया, रूपाराम, भरतपुर केन्द्रीय कारागार से चंद्रप्रकाश, डूंगर सिंह, रामबाबू, केंद्रीय कारागार कोटा से कमल उर्फ कमल्या, भूपेन्द्र सुमन, अब्दुल नईम, धौलपुर से छिद्द उर्फ रामप्रकाश, केंद्रीय कारागार अलवर से बद्रीप्रसाद मीणा, सोनू, संजय समेत प्रदेश की अन्य जेलों से कैदियों को रिहा किया जाएगा। प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं। यह मुद्दा राजस्थान पत्रिका ने उठाया था। इस संबंध में अगस्त 2022 में राजस्थान पत्रिका की ओर से अभियान चलाया गया था।

... इधर जेल प्रहरियों की बिगड़ रही हालत
वेतन मान और अन्य मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से मैस और खाने का बहिष्कार करने वाले जेल प्रहरियों की तबियत बिगड़ने लगी है। सोमवार को बहिष्कार का चौथ दिन है। जेल डीजी भूपेन्द्र दक की दखल के बाद जेल मंत्री टीकाराम जूली ने भी इस मामले में दखल दी है और जेल प्रहरियों की मांगों पर गौर करने की बात कही है, लेकिन इस बार जेल प्रहरी अड गए हैं और वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं ।

इस बीच खाने का बहिष्कार करने के कारण बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर समेत कई शहरों में करीब एक सौ पचास जेल प्रहरी बीमार हो गए हैं। दरअसल जेल प्रहरियों ने खाने का बहिष्कार तो किया ही है लेकिन काम नहीं छोड़ा है। अधिकतर जेलों में भूखे जेल प्रहरी काम पर हैं और उनमें से कई विरोध के चलते जेल परिसरों में ही मौन प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

ये हैं मांगे
जेल प्रहरियों का कहना है कि कारागारों में तैनात जेल प्रहरी को आरएसी कार्मिकों के समक्ष वेतनमान पे.लेवल.5, भत्ते व हार्ड ड्यूटी एलाउंस एवं अन्य सुविधाएं दी जाएं। वेतन विसंगति वर्ष 1998 से कर्मचारियों को नोशनल लाभ दिए जाने के वित्त विभाग से आदेश जारी कराएं। प्रहरी का वर्तमान पद का पे.लेवल.03 से पे.लेवल.5 किया जाए। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश चार जून, 2019 को समाप्त कर आरएसी के अनुरूप कर्मियों का पे.लेवल समान किया जाए। इन मांगों को लेकर इस बार तगड़ा मौन प्रदर्शन किया जा रहा है। आज भी प्रशासन और प्रहरियों के बीच वार्ता होने की बात कही जा रही है।

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