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राइट टू हेल्थ के विरोध में निजी अस्पताल बंद, लेकिन — दिखा मिला जुला असर

गहलोत सरकार की ओर से आम आदमी के लिए राइट टू हेल्थ बिल लाया जा रहा है।

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राइट टू हेल्थ के विरोध में निजी अस्पताल बंद, लेकिन — दिखा मिला जुला असर

राइट टू हेल्थ के विरोध में निजी अस्पताल बंद, लेकिन — दिखा मिला जुला असर

जयपुर। गहलोत सरकार की ओर से आम आदमी के लिए राइट टू हेल्थ बिल लाया जा रहा है। जिसका विरोध हो रहा है। यह विरोध आईएमए और जेएमए की ओर से किया जा रहा है। इस विरोध के तहत आज प्रदेश में सभी निजी अस्पतालों में बंद का आह्वान किया गया था। कहा गया था कि रविवार को सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी में मरीज नहीं देखे जाएंगे। लेकिन इसका मिला जुला असर सामने आया है। कई निजी अस्पतालों में मरीजों को डॉक्टर्स चेकअप करते हुए मिले।

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राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में सोमवार को भी प्रदेश में निजी अस्पताल बंद रहेंगे। इसके साथ ही मेडिकल व डायग्नोसिस सेंटर भी बंद रहेंगे। जिसके लिए एलान किया जा चुका है। वहीं प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में स्थिति यथावत है। ओपीडी व आईपीडी में मरीजों को देखा जा रहा है और उनका उपचार चल रहा है।

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्ववान पर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। रविवार सुबह जयपुर में स्टेच्यू सर्किल पर चिकित्सक एकत्रित हुए। चिकित्सकों की ओर से इस बिल का सांकेतिक विरोध किया जा रहा है। चिकित्सकों की ओर से इस बिल में संशोधन की मांग की जा रहीं है।