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हत्या के बाद शव के बगल में बैठे भी प्रिया सेठ फांस रही थी अगला शिकार, होटल में जाकर लाई रुपए

प्रिया सेठ अपने साथियों संग दुष्यंत की कार में ही शव को ठिकाने लगाने जा रही थी तो उससे अनैतिक कार्य के लिए एक व्यक्ति ने फोन किया।

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priya seth

जयपुर। अपराध की दुनियां में प्रिया सेठ इसकदर सक्रिय है कि उसकी संवेदनाएं खत्म हो चुकी है। अपहरण के बाद फिरौती मिलने पर ही उसने दुष्यंत को मौत के घाट उतार दिया। वह अपने साथियों संग दुष्यंत की कार में ही शव को ठिकाने लगाने जा रही थी तो उससे अनैतिक कार्य के लिए एक व्यक्ति ने फोन किया।

ऐसी स्थिति में भी शातिर दिमाग प्रिया ने एक न सोची और तत्काल तैयार हो गई। फोन करने वाला अपने रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक नामचीन होटल में ठहरने की बात कह रहा था। इस पर प्रिया ने दोनों साथियों को सड़क पर ही इंतजार करने के लिए कहा और वह कैब लेकर होटल पहुंच गई।

वहां उस युवक से मिली रुपए प्राप्त किए और बहाना बनाकर भाग आई। इसके बाद कैब से ही वापस अपने साथियों के पास पंहुची। पड़ताल में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद प्रिया के खाते में किसी और ने भी रुपए जमा कराएं हैं। यह भी जांच हो रही है कि ये रुपए किसने जमा कराए थे।

गिरफ्तारी से टल गई थी वारदात, जमानत होने पर दिया अंजाम
प्रिया सेठ के खिलाफ जनवरी में वैशाली नगर थाने में गजरात सिंह लोहिया नाम के व्यक्ति ने ब्लैकमेल का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के साथ ही प्रिया ने दूसरा शिकार तलाशना शुरू कर दिया था। हत्या के आरोप में गिरफ्तार दीक्षांत और लक्ष्य भी साथ थे।

वह सोशल मीडिया से सम्पर्क में आने के बाद पहली बार दुष्यंत से तीन मार्च को मिली। बातचीत आगे बढ़ती उससे पहले ही सात मार्च को वैशाली नगर थाना पुलिस ने प्रिया को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में निपटने में उसे करीब एक माह लग गया।

पहले पुलिस हिरासत में रही। अदालत से जमानत मिलते ही वह फिर दुष्यंत के सम्पर्क में आई। उसे अमीर मान कर मोटी रकम वसूलने की साजिश शुरू कर दी और आखिरकार उसने इस माह वारदात को अंजाम दे दिया।

वेश्यावृत्ति से जुड़ी साइट्स पर अपना मोबाइल नम्बर छोड़ देती थी प्रिया सेठ, रकम लेती और भाग जाती

परिवादी हुआ भूमिगतवैशाली नगर थाने में मामला दर्ज कराने वाले ने प्रिया की गिरफ्तारी होने के साथ ही पूरे मामले से तौबा कर ली। वह अब पुलिस के भी सम्पर्क में नहीं है। मामले की जांच अधिकारी उप निरीक्षक निधि का कहना है कि उसके जो मोबाइल नम्बर हैं वे अब बंद आ रहे हैं।

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