
जयपुर।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक के खिलाफ बूंदी थाने में दर्ज एफआइआर में कार्रवाई पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। भाजपा अध्यक्ष की ओर से एफआईआर को रद्द करने के लिए न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने राज्य सरकार को याचिका पर जवाब देने के लिए दस जून तक का समय दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा और आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय के अधिवक्ता राजदीपक रस्तोगी ने कहा कि बूंदी थाने में कांग्रेस के नेता ने एफआईआर दर्ज करवा कर आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बयानों को तोड़मोड़ बदनाम करने की कोशिश की है। मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। इसी तरह के मुकदमें अलग अलग जिलों में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के जरिए दर्ज करवाए जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में जोधपुर मुख्यपीठ से स्थगन दिया जा चुका है। जिस पर न्यायालय ने बूंदी थाने में दर्ज एफआईआर में कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को दस जून तक पक्ष रखने के आदेश दिए।
Updated on:
03 Jun 2020 09:15 pm
Published on:
03 Jun 2020 09:15 pm
