
सीएम गहलोत सेना पर अपना बयान वापस लें- तिवाड़ी
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को दीपावली का बड़ा तोहफा देते हुए प्रदेश में राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल-2022 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव की मंजूरी के बाद प्रदेश के एक लाख 10 हजार से अधिक संविदाकर्मियों को नियमों के दायरे में लाकर लाभान्वित किया जाएगा।
गहलोत सरकार के इस फैसले से शिक्षा विभाग के शिक्षाकर्मी, पैरा टीचर्स, ग्राम पंचायत सहायक, अंग्रेजी माध्यम अध्यापक सहित 41 हजार 423 संविदा कर्मी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के राजीविका व मनरेगा के कुल 18326, अल्पसंख्यक विभाग के 5697 पैरा टीचर्स, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व चिकित्सा विभाग के 44833 संविदा कर्मियों सहित कुल 1 लाख 10 हजार 279 संविदा कर्मी इन नियमों के लाभांवित होंगे। गौरतलब है कि शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था।
सीएम ने ट्वीट करके दी बधाई
वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज सुबह ट्वीट करके प्रदेशवासियों के साथ-साथ संविदाकर्मियों को भी दीपावली पर्व की बधाई दी है। सीएम ने लिखा, सभी प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह पर्व सबके जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली लाए। हमारी सरकार ने जनता से जो वादे किए उन्हें जनघोषणा पत्र से नीतिगत दस्तावेज में अंगीकृत करते हुए उसके एक महत्वपूर्ण अंग- विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदाकर्मियों को राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स, 2022 के तहत नियमों के दायरे में लाकर नियमित किए जाने का ऐतिहासिक फैसला किया है।
सीएम ने आगे लिखा कि मानवीय दृष्टिकोण के परिप्रेक्ष्य में लिए गए इस फैसले से प्रदेश के करीब 1,10,000 संविदाकर्मियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस निर्णय से लाभांवित होने वाले समस्त संविदाकर्मियों को मैं बधाई देता हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।
राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स, 2022 के लागू होने से संविदाकर्मियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से हो सकेगी तथा इसमें आरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही जो संविदाकर्मी 5 साल तक काम कर लेंगे, भविष्य में उन पदों के नियमित होने पर उन्हीं संविदाकर्मियों में से स्क्रीनिंग कर उन्हें स्थायी किया जा सकेगा।
नियमों में यह भी ध्यान रखा गया है कि किस पद को किस स्थायी पद के समकक्ष माना जाए, इसी आधार पर इन संविदाकर्मियोंके लिए मानदेय का निर्धारण किया गया है। गौरतलब है कि संविदाकर्मियों को नियमित करने को लेकर समय-समय पर कई कमेटियां बनीं, लेकिन इनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका। वर्ष 2021-22 के बजट में संविदाकर्मियों का विभागवार कैडर बनाने की घोषणा की और वर्ष 2022-23 के बजट में इनके मानदेय में 20 प्रतिशत वृद्धि किए जाने की घोषणा की थी।
चुनाव के मद्देनजर कर्मचारी वर्ग को साधन का प्रयास
इधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा संविदाकर्मियों को नियमित के लिए फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कर्मचारी वर्ग को साधने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री गहलोत कर्मचारियों वर्ग को साधने के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की घोषणा कर चुके हैं।
वीडियो देखेंः- शहरी रोजगार योजना शुरू, 270 पदों पर होगी संविदा नियुक्ति
Published on:
23 Oct 2022 11:48 am
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