
Rani Padmini as Padmavati: संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावती के विरोध के बावजूद सरकार की ओर से कोई आवश्यक कदम नहीं उठाए जाने से सर्व समाज में रोष है। इसको लेकर अब सर्व समाज एकजुट नजर आ रहा है और 19 नवंबर को दिल्ली स्थित तालकटोरा इंडोर स्टेडियम परिसर में आखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के आह्वान पर फिल्म रिलीज का विरोध किया जाएगा। इस आयोजन में राजस्थान से हजारों लोग हिस्सा लेंगे। इनमें सर्व समाज के अलावा क्षत्रिय समाज के लोग भी शामिल होंगे। बुनकर संघ के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम तंवर ने बताया कि फिल्म पर रोक नहीं लगाने की स्थिति में 30 नवंबर को राजस्थान बंद का आव्हान किया जाएगा। सर्व समाज रानी पद्मावती का अपमान नहीं सहेगा।
क्षत्रिय महासभा के राजस्थान के संयोजक महेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि फिल्म के जरिए ना केवल इतिहास के साथ छेड़छाड़ है, बल्कि पद्मावती के चरित्र पर लांछन लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
खबरें ये भी हैं कि विवादास्पद फिल्म 'पद्मावती' को एक दिसंबर को प्रदर्शित करने के पहले निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली राजपूत संगठनों को फिल्म दिखाने के लिए सहमत हो गए हैं। अखंड राजपूताना सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह ने सोमवार को यहां यह दावा करते हुए कहा कि फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा कि फिल्म में राजपूत समाज और रानी पद्मावती की मर्यादा और मान-सम्मान का कितना ख्याल रखा गया है, जैसा कि भंसाली दावा कर रहे हैं। फिल्म में कुछ भी तथ्य से परे, राजपूत समाज की मर्यादा के विपरीत और आपत्तिजनक हुआ तो उसे फिल्म से हटाना ही होगा, तभी फिल्म रिलीज़ होगी।
गौरतलब है कि देशभर में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती‘ जहां खूब विवादों में घिरी हुई है, राज्स्थान में तो फिल्म को लेकर विवाद सबसे ज्यादा है। यहां विरोध और चेतावनी के साथ फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ के आरोप लग रहे हैं। फिल्म पद्मावती प्रदेश में हर दिन एक नए विवाद से घिरती जा रही है। इसे लेकर प्रदेश के लोगों का गुस्सा सडक़ों तक आ चुका है। अब प्रदेश में फिल्म को रिलीज करना इतना आसान नहीं होगा। राजघरानों से लेकर आमलोग भी अब फिल्म के विरोध में खुलकर सडक़ों पर विरोध प्रदर्शन लगे हैं। फिल्म के विरोध में राजस्थान के पूर्व राजघराने भी खुलकर विरोध प्रदर्शन कर ने में लगे हैं।
Published on:
14 Nov 2017 12:47 pm
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