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जवाबदेही कानून की मांग को लेकर सामाजिक संगठन हुए मुखर, गहलोत सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय के नेतृत्व में अपराह्न 3 बजे शहीद स्मारक पर आज से शुरू होगा धरना, 21 मार्च तक चलेगा जवाबदेही कानून की मांग को लेकर धरना,जवाबदेही कानून का मसौदा तैयार लेकिन अभी तक नहीं हुआ कानून लागू

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ashok gehlot

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जयपुर। नौकरशाहों पर लगाम कसने और लोगों की शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए सरकार की ओर से जवाबदेही कानून लाने के लाख दावे किए जा रहे हो लेकिन इस कानून के मसौदे को अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है, जिसके विरोध में अब सामाजिक संगठनों ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाए हैं।

जवाब देही कानून की मांग को लेकर आज से सामाजिक संगठन शहीद स्मारक पर अपराह्न 3 बजे से धरना शुरू कर रहे हैं जो 15 मार्च तक चलेगा। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और निखिल डे के नेतृत्व में आज धरना शुरू किया जाएगा और गहलोत सरकार को उसका वादा याद दिलाया जाएगा।


सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश में जवाबदेही कानून की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है और पिछले 10 सालों से लगातार इसकी मांग होती आ रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जवाबदेही कानून प्रदेश में लागू करने का वादा कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी किया था लेकिन आज तक इस कानून को प्रदेश में लागू नहीं किया गया है और अब जब तक इस कानून को लागू नहीं किया गया तब तक प्रदेश में जवाब दे कानून की मांग को लेकर धरना जारी रहेगा।


सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जवाबदेही कानून की मांग को लेकर 1 दिसंबर 2015 से 10 मार्च 2016 तक 100 दिन की यात्रा निकाली गई थी जिसके बाद उस समय विपक्ष में रही कांग्रेस पार्टी ने इसे अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था और सरकार बनते ही जवाब देही कानून लागू करने की बात कही थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया।

उसके बाद दूसरी जवाबदेही यात्रा 20 दिसंबर 2021 से शुरू की गई थी लेकिन कोविड संक्रमण के चलते 6 जनवरी 2022 तक रोकना पड़ा लेकिन पोस्टकार्ड पर अन्य माध्यमों से सरकार को अपना वादा याद दिलाया गया। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने साल 2019 के बजट घोषणा में भी जवाब देही कानून लागू करने की बात कही थी लेकिन उसे लागू नहीं किया गया।

कानून का मसौदा तैयार
हालांकि इधर प्रदेश में जवाब देही कानून लागू करने के लिए गहलोत सरकार ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राम लुभाया के अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था और कमेटी ने जवाब देही कानून का मसौदा तैयार करके सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंप दी थी लेकिन अभी तक सरकार ने इस कानून के मसौदे को अमलीजामा नहीं पहनाया है।