
जयपुर। शहरवासियों को सााइकिल सुविधा देने के लिए स्मार्ट बायसाइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट गुरुवार से शुरू हुआ। नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने गुरुवार को रामनिवास बाग के पास जेएलएन मार्ग पर इस प्रोजेक्ट का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस दौरान मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने साइकिल चलाई। कार्यक्रम में महापौर अशोक लाहोटी, स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ रवि जैन भी आदि मौजूद थे।
यह है खासियत
- एक स्टेंड से साइकिल उठाओ और किसी भी स्टेंड पर छोड़ दो।
- पहचान पत्र स्केन कर या फोटो कॉपी देकर ले सकेंगे।
- जीपीएस सिस्टम से मॉनिटरिंग जिससे चोरी होने का खतरा नहीं।
- जेएलएन मार्ग रूट पर रामनिवास बाग, मेडिकल कॉलेज के सामने, नारायण सिंह सर्किल, त्रिमूर्ति सर्किल, बिड़ला मंदिर, जवाहर सर्किल उत्तर व दक्षिणी हिस्सा, गौरव टॉवर, गांधी नगर मोड के पास भी स्टेंड बनाया जाना।
10 रुपए प्रति घंटा शुल्क
साइकिल का किराया 10 रुपए प्रति घंटा रखा गया हैै, लेकिन ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था ही नहीं। दूसरे देशों की यात्रा के बावजूद नौकरशाह प्रोजेक्ट को पूरी तरह समझ नहीं पाए। इससे शुरुआती स्तर पर ही परेशानी आने की आशंका। दोनों स्टैंड पर 40 साइकिल होने का दावा।
इसलिए जरूरी है साइकिल सवारी
- 15 प्रतिशत है शहर में ईंधन रहित वाहन (नॉन मोटराइज्ड वाहन) का हिस्सा
- 25 प्रतिशत लक्ष्य है नॉन मोटराइज्ड वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने की
- 7 प्रतिशत ही था कुछ वर्ष पहले हुए सर्वे में साइकिल सवारी का
- 20 जगह चिन्हित की साइकिल स्टेंड के लिए
लॉ कमीशन ऑफ इंडिया भी जता चुका जरूरत
लॉ कमीशन ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में भी अंकित है कि साइकिल ट्रेक और फुटपाथ की कमी के कारण वाहन दुर्घटना के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दिनों हुए सर्वे में भी साइकिल सवारी का ग्राफ के तेजी से घटने का खुलासा हुआ है। इसमें जयपुर में साइकिल से यात्रा करने वाले महज 7 फीसदी लोग बताए गए हैं, जबकि वर्ष 1990 में यही हिस्सा करीब 15 फीसदी था। चारदीवारी में यह आंकड़ा फिर भी ठीक है।
Published on:
21 Dec 2017 06:30 pm
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