
जयपुर . वैशाली नगर राजस्थान पत्रिका ने राजनीति के शुद्धीकरण के लिए चेंजमेकर महाअभियान चलाया है। इसी के तहत प्रबुद्ध लोगों से अभियान के संबंध में बातचीत करने के लिए वैशाली नगर पत्रिका ने हनुमान वाटिका में परिचर्चा का आयोजन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान पत्रिका की मुहिम से अच्छे और साफ सुथरी छवि वाले लोग राजनीति में सक्र्रिय होंगे जो स्वस्थ लोकतन्त्र के लिए जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि राजनीति से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म होना चाहिए और स्वच्छ छवि के योग्य व्यक्ति राजनीति में आगे आएं तभी देश का कुछ भला हो सकता है।
प्रत्याशी चयन में भी भूमिका निभाए पत्रिका
रायशुमारी में वक्ताओं का कहना था कि वर्तमान राजनीति में वंशवाद और भाई-भतीजावाद गहरे तक अपनी जड़ें जमा चुका है जिसकी बदौलत ही भ्रष्टाचार और अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इनके खात्मे के लिए राजनीति की सफाई जरूरी है। राजस्थान पत्रिका ने सदैव की भांति एक बार फिर जन सरोकार से जुड़े मुद्दे को उठाकर समाज को नई राह दिखाने के साथ ही सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए प्रेरित किया है। वक्ताओं का मानना था कि राजनीति में शुद्धीकरण का जो बीड़ा पत्रिका ने उठाया है उसे चुनावों तक जारी रखा जाए तथा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों मेें प्रत्याशियों के चयन में भी पत्रिका अहम भूमिका निभाएं। प्रबुद्धजनों का कहना था कि राजनीति से भ्रष्टाचार के खात्मे के साथ ही स्वच्छ छवि के योग्य व्यक्ति राजनीति में आगे आएं जो स्वहित के बजाय देशहित में काम करें।
विशेषज्ञ को बनाएं मंत्री
परिचर्चा का हिस्सा बने लोगों ने कहा कि जिस प्रकार सरपंच पद के लिए आठवीं पास शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य कर दी गई है उसी प्रकार एमपी और एमएलए के लिए भी शैक्षणिक योग्यता आवश्यक कर दी जाए। इसके अलावा वर्तमान व्यवस्था की खामी ये है कि अंगूठा छाप को चिकित्सा मंत्री या शिक्षा मंत्री बना दिया जाता है ऐसे में वे अपने महकमे में स्वविवेक से कोई कार्य नहीं कर पाते हैं। इसलिए राजनीतिक दल इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिस व्यक्ति को जिस विभाग का मंत्री बनाया जा रहा है उसकों उसमें महारथ हासिल है या नहीं। पार्टियों को प्रत्याशी चयन करने के लिए जातिगत के आधार पर आरक्षण नहीं मिलना चाहिए बल्कि जो योग्य और स्वच्छ छवि का व्यक्ति हो उसको टिकट दे देना चाहिए।
देना होगा पांच साल का हिसाब
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पत्रिका की ये मुहिम कस्बों, गांवों और ढाणियों में बदलाव के नायक तैयार कर देगी। ऐसे में आगामी चुनावों में दुबारा चुनाव मैदान में आने वाले नेताओं को गांव, ढाणी और कस्बों में मौजूद चेंजमेकर्स का सामना करना पड़ेगा। ये चेंजमेकर उनसे पांच साल पहले उनके किए वादे और उनमें से पूरे किए गए कार्यों की जानकारी मांगेंगे। इससे वो वोट के लिए झूठ नहीं बोल पाएंगे। उन्हें इस बात का पता रहेगा कि इस बार भी वोट के लिए झूठे वादे किए तो चेंजमेकर्स का विरोध झेलना पड़ेगा।
पार्टी विशेष को वोट नहीं
वक्ताओं ने कहा कि आगामी चुुनावों में वे किसी पार्टी विशेष को वोट नहीं देंगे बल्कि उस प्रत्याशी को वोट करेंगे जो नैतिक मूल्यों से युक्त हों। फिर चाहे वो किसी भी राजनीतिक दल से तालुल्क रखता हो। यदि सभी ऐसा सोचने लग जाएं तभी राजनीति का सही मायने में शुद्धीकरण होगा। आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति को राजनीति में स्थान नहीं मिलना चाहिए। क्योंकि ऐसे लोग ही हैं जो धर्म और जात-पात के नाम पर देश को तोडऩे का काम कर रहे हैं। जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे अहम मुद्दों की ओर किसी का ध्यान ही नहीं।
मीडिया भी निभाए भूमिका
वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान पत्रिका ने एक अच्छा अभियान चलाया है और भविष्य में इसके परिणाम भी सकारात्मक आएंगे। ऐसे ही अभियान अन्य मीडिया हाउसेज को भी चलाने चाहिए। क्योंकि वर्तमान हालात ऐसे हैं कि मीडिया द्वारा कही गई बात का लोगों पर खास असर होता है। साथ ही ऑनलाईन पोलिंग का सिस्टम बनाया जाए जिसमें चुनिंदा बिंदुओं पर चुनाव हो और जिसका एक समय सीमा में रिव्यू किया जा सके।
Published on:
18 Apr 2018 02:29 pm
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