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पल्मोनरी फाइब्रोसिस में कारगर होंगे ये उपाय

प्रोटीन से संबंधित खाद्य पदार्थों का सेवन कर फेफड़ों संबंधी बीमारी के लक्षण कम किए जा सकते हैं

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पल्मोनरी फाइब्रोसिस में कारगर होंगे ये उपाय

असेंशियल ऑयल
असेंशियल ऑयल में आप लैवेंडर ऑयल और पिपरमेंट ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। लैवेंडर में एंटी ऑक्सीडेंट्स, एंटी इंफ्लामेटरी और एनालजेसिक प्रॉपर्टीज होती हैं। यह फेफड़ों के टिश्यूज का दर्द और सूजन दूर करता है। इसी तरह पिपरमेंट ऑयल में पाया जाने वाला मिथोल भी इंफ्लेमेशन को दूर करने का काम करता है। सांस संबंधी समस्या दूर करता है।

विटामिन डी
अपनी डाइट में विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करके भी आप पल्मोनरी फाइब्रोसिस की समस्या से राहत पा सकते हैं। दरअसल विटामिन डी की कमी से इस तरह की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए डाइट में फैटी फिश, डेयरी प्रोडक्ट, चीज, मशरूम आदि का सेवन अधिक मात्रा में करना शुरू कर दें।

बेकिंग सोडा
एक बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास पानी में मिला लें। भोजन से पहले इस पानी को पीएं। इसे दिन में एक बार ही पीना चाहिए। बेकिंग सोडा की अम्लीय प्रकृति पोषक तत्वों को अवशोषण बढ़ाने के साथ ही हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने का काम भी करेगी। यह फेफड़ों को क्षतिग्रस्त होने से बचाएगा।

हैम्प ऑयल
फेफड़ों संबंधी समस्या से राहत पाने के लिए हैम्प ऑयल को भी उपयोगी माना जाता है। इसके लिए एक-दो बूंद हैम्प ऑयल को अपनी जीभ के नीचे रख लें। एक मिनट तक इसे मुंह में घुलने दें। चाहें तो आप हैम्प ऑयल की खुशबू भी ले सकते हैं। इस प्रयोग को भी दिन में एक बार ही करें। इसमें पाई जाने वाली एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज टिश्यूज की सूजन दूर करती है।

सीवीड है उपयोगी
सीवीड का सेवन करने से भी पल्मोनरी फाइब्रोसिस की समस्या को दूर किया जा सकता है। हेल्थ एक्सपट्र्स के अनुसार रोजाना १५० से २५० एमसीजी सीवीड का सेवन किया जा सकता है। सूखी सीवीड को आप अपने भोजन और स्मूदीज में मिला सकते हैं। इसका सेवन भी दिन में एक ही बार किया जाना चाहिए। यह संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ देने के साथ ही पल्मोनरी फाइब्रोसिस को बढऩे से भी रोकता है।

फ्लेक्ससीड ऑयल
यदि नियमित आधा से एक बड़ा चम्मच अलसी के तेल का उपयोग किया जाए तो पल्मोनरी फाइब्रोसिस की रोकथाम की जा सकती है। यह तेल ओमेगा-३ फैटी एसिड का अच्छा सोर्स होता है, जो फेफड़ों को क्षतिग्रस्त होने से रोकता है। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व फेफड़ों के स्वास्थ्य के साथ ही अन्य तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं। इसलिए दिन में एक बार सलाद या अन्य किसी चीज में इस तेल का सेवन अवश्य करें।

डाइट टिप्स पर दें ध्यान
पल्मोनरी फाइब्रोसिस को आप डाइट टिप्स से भी कंट्रोल कर सकते हैं। इसके लिए अपनी डाइट में प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा मात्रा में करें। साथ ही खट्टे फलों एवं सब्जियां जैसे ब्रोकली, गाजर, टमाटर, पालक, शकरकंद आदि का भी सेवन भरपूर मात्रा में करें। एंटी ऑक्सीडेंट्स वाले फू्रटस जैसे केला, बेरीज, मैंगो, चेरी आदि का नियमित सेवन किया जाना चाहिए।


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