
pulwamaattack
जयपुर।
पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama terror attack ) के विरोध में शहर के लोग गुरुवार शाम से सडक़ों पर निकल आए। राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों ने हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे कायरतापूर्ण हरकत बताया। गुस्साए युवाओं ने केंद्र सरकार से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए अब और नहीं... के नारे के साथ विरोध प्रदर्शित किया।
आधी रात को उतरे सडक़ों पर (Pulwama Terror Attack 2019)
शहर में रात करीब 12:30 बजे अमर जवान ज्योति पर सैकड़ों आक्रोशित युवा पहुंचे और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। इतनी संख्या में जवानों को मौत के घाट उतारने से पूरा देश में गुस्सा है। राजधानी जयपुर में देर रात बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इन लोगों का कहना था कि जिस तरह से पाकिस्तान कायरता वाली हरकत करता है अब समय आ गया उसे सबक सिखाने का। महेश नगर से शुरु हुई रैली अमरजवान ज्योति पर समाप्त हुई।
सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले पर सुरक्षा एवं खुफिया एंजेसियों के पूर्व अधिकारियों ने कड़ी निंदा की है। १९७१ की लड़ाई में पैर गंवाने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) जंग शमशेर बहादुर सिंह कक्कड़ ने कहा कि अब वह दौर आ गया है जब हमे गुरिल्ला युद्ध के लिए सेना को तैयार करना चाहिए। सेना भी आतंकियों के ठिकानों पर घुसकर उन्हें मारे। खुफिया सूत्र पुख्ता करने के साथ हथियारों का आधुनिकीकरण जरूरी है। सेना के अधिकार बढ़ाने होंगे।
जम्मू कश्मीर में हुए अब तक के सबसे बड़े हमले में 42 जवान शहीद हो गए। शहीद जवानों में राजस्थान के 5 जवान भी शामिल हैं। शहीद जवानों का नाम नारायण लाल गुर्जर (राजसमन्द), जीतराम गुर्जर (भरतपुर) , हेमराज मीणा (कोटा) , रोहिताश लाम्बा (जयपुर) और भागीरथ (धौलपुर) है। शहीद होने की खबर मिलते ही जवानों के घर में मातम पसर गया। हमले को जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरु दस्ते ने अंजाम दिया। जैश ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद डार की एक तस्वीर और वीडियो भी जारी की है। वह पुलवामा के काकापोरा में गुंडीबाग का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार बीते ९ दिसंबर को जैश आतंकी राशिद गाजी ने पाकिस्तान से कश्मीर में घुसपैठ की थी।
Published on:
15 Feb 2019 10:37 am
