
अगर आप अपनी आइआरसीटीसी वेबसाइट की यूजर आइडी से दूसरों के लिए ट्रेन की टिकट बुक कर रहे हैं तो, यह अपराध है। इसके लिए आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है। जयपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल आए दिन ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रहा है।
आइआरसीटीसी (इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) की वेबसाइट पर यूजर आइडी बनाकर कोई भी महीने में 12 टिकट बुक करा सकता है। शर्त है कि यह टिकट वह स्वयं व परिजन के लिए ही बना सकता है। दूसरों के लिए टिकट बनाना रेलवे अपराध मान रहा है, क्योंकि इसे कॉमर्शियल माना जाता है।
ऐसा करने के लिए आइआरसीटीसी से अलग से स्वीकृति लेना जरूरी है। इसको लेकर जयपुुर मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ज्योतिमणि का कहना है कि कुछ लोग अनजाने में दूसरों का टिकट बुक करा देते हैं तो कुछ लोग जानबूझकर यूजर आइडी का इस्तेमाल दूसरों के लिए कर रहे हैं। जयपुर मंडल में इस वर्ष में 30 केस बनाए गए हैं। इनमें पाया गया कि कुछ दुकानदार, ट्रेवल एजेंट, ई-मित्र संचालक भी ऐसा कर रहे हैं। यह रेलवे एक्ट 143 के तहत अपराध है। इसमें पकड़े जाने पर जुर्माना व 3 वर्ष की जेल भी हो सकती है।
यों मिलती सूचना
सामने आया कि एक यूजर आइडी या एक से अधिक यूजर आइडी बनाकर अलग-अलग लोगों के टिकट बनाए जाने की सूचना आरपीएफ को साइबर सेल व आइआरसीटीसी से मिलती है। जांच पड़ताल के बाद उन पर कार्रवाई की जाती है।
जागरुकता के लिए चलाते अभियान
जयपुर जंक्शन आरपीएफ थाना प्रभारी नरेश यादव ने बताया कि इस मामले में समय-समय पर लोगों की जागरुकता को लेकर अभियान भी चलाते हैं फिर भी केस बढ़ रहे है। इसमें ज्यादातर युवा पकड़े में आ रहे हैं। जबकि टिकट पर लिखा होता है कि पर्सनल यूजर आइडी से टिकट बनाकर बेचना रेलवे एक्ट के तहत अपराध है। फिर भी लोग नहीं मानते।
Published on:
20 Jun 2022 02:59 pm
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