19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1.44 लाख करोड़ दो या पानी लेना बंद करो: पंजाब सीएम ने राजस्थान से मांगा 66 साल के पानी का हिसाब

Rajasthan News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ रुपये के पानी का बकाया मांगा है। 1920 के समझौते और 1960 के बाद भुगतान बंद होने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Himesh Rana

Mar 19, 2026

फोटो- पंजाब सीएम भगवंत मान

Rajasthan News: सदियों से राजस्थान पानी की कमी के लिए जाना जाता है। लेकिन इस बार राजस्थान को पानी तो मिल रहा है, पर उसके पैसे बकाए रह गए है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान से पानी को लेकर बड़ा दावा करते हुए 1.44 लाख करोड़ रुपये की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले करीब 66 सालों से राजस्थान ने पानी का पैसा नहीं दिया है।

मान ने साफ शब्दों में कहा कि या तो राजस्थान यह बकाया राशि चुकाए या फिर पंजाब से पानी लेना बंद कर दे। उन्होंने यह बयान चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।

1920 के समझौते से शुरू हुआ मामला

मान के अनुसार, पानी के लिए यह व्यवस्था 1920 में ब्रिटिश शासन में हुई थी। उस समय बीकानेर के महाराजा और बहावलपुर रियासत के बीच समझौता हुआ था, जिसके तहत राजस्थान के बीकानेर और श्रीगंगानगर क्षेत्रों तक राजस्थान फीडर के जरिए करीब 18,000 क्यूसेक पानी पहुंचाया जाता है। इस समझौते में प्रति एकड़ के हिसाब से पानी का शुल्क तय किया गया था और राजस्थान 1960 तक इसका पैसा देता रहा।

सिंधु जल समझौते के बाद बदला समीकरण

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि 1960 में सिंधु जल समझौता लागू होने के बाद राजस्थान ने पानी लेना बंद नहीं किया, लेकिन पैसा देना बंद कर दिया। वहीं, पंजाब ने भी उस समय इन पैसों को लेकर दबाव बनाना बंद कर दिया। मान का दावा है कि अगर 1960 से 2026 तक का हिसाब जोड़ा जाए तो बकाया रकम करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये बनती है।

“पानी चाहिए तो पैसा भी देना होगा”

मान ने दो टूक कहा कि राजस्थान पानी तो 1920 के समझौते के आधार पर ले रहा है, लेकिन भुगतान के मामले में 1960 के नियमों का हवाला दे रहा है। उन्होंने कहा कि या तो पुराने समझौते को समाप्त किया जाए या फिर पानी की आपूर्ति रोक दी जाए।

राजस्थान को बैठक के लिए पत्र

इस पूरे विवाद को लेकर पंजाब सरकार ने राजस्थान को एक बैठक के लिए पत्र भी भेजा है। मान ने यह भी कहा कि यह हैरानी की बात है कि सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के जरिए पानी मांगने वाला राज्य इस बड़े बकाया मुद्दे पर चुप है। पंजाब सरकार इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाने की तैयारी में है।