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Pavitra Ekadashi 2020 : कार—बंगला के साथ सुंदर प​त्नी की कामना भी पूरी कर देता है यह व्रत

भौतिक सुखों के लिहाज से आज का दिन महत्वपूर्ण है। आज एकादशी तिथि है जोकि भगवान विष्णु का प्रिय दिन है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से विष्णुजी प्रसन्न होते हैं। गौरतलब है कि जीवन के सभी भौतिक सुखों के दाता भगवान विष्णु ही हैं। उनके आशीर्वाद से ही जमीन, मकान, वाहन, स्त्री सुख, संतान आदि के सुख प्राप्त होते हैं। यूं तो एक वर्ष में कुल चौबीस एकादशी होती हैं, पर श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व है। इसे पवित्रा या पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है।

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Putrada Ekadashi Puja Vidhi , Pavitra Ekadashi Vrat Ka Mahatva

Putrada Ekadashi Puja Vidhi , Pavitra Ekadashi Vrat Ka Mahatva

जयपुर. भौतिक सुखों के लिहाज से आज का दिन महत्वपूर्ण है। आज एकादशी तिथि है जोकि भगवान विष्णु का प्रिय दिन है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से विष्णुजी प्रसन्न होते हैं। गौरतलब है कि जीवन के सभी भौतिक सुखों के दाता भगवान विष्णु ही हैं। उनके आशीर्वाद से ही जमीन, मकान, वाहन, स्त्री सुख, संतान आदि के सुख प्राप्त होते हैं। यूं तो एक वर्ष में कुल चौबीस एकादशी होती हैं, पर श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व है। इसे पवित्रा या पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विधि विधान से विष्णुजी की पूजा त्वरित फलदायी होती है।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार सभी एकादशियों का अलग-अलग महत्व होता है। जीवन के सभी सुख प्राप्त करने के लिए पवित्रा एकादशी पर विष्णुजी की पूजा उत्तम फलदायी होती है। इस दिन स्नान के बाद विष्णुजी की विधि विधान से पूजा और विष्णु-लक्ष्मीजी की आरती करें। दिन भर ऊँ नमो नारायणाय का जाप करना चाहिए। इसके बाद विष्णुजी के समक्ष अपने मनोरथ व्यक्त करते हुए उन्हें पूर्ण करने की प्रार्थना करें। व्रत में दिनभर भोजन नहीं करें, केवल फलाहार कर सकते हैं। द्याद्यशी पर सुबह व्रत का पारण करें। जरूरतमंदों को अन्न—कपडों का दान जरूर दें।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि विष्णुजी की प्रसन्नता के लिए किए जाने वाले व्रतों में एकादशी का सर्वाधिक महत्व है। इस दिन विष्णुजी की प्रसन्नता के लिए विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ जरूर करें। विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ में करीब 20 मिनिट लगते हैं पर यह बेहद प्रभावकारी साबित होता है। त्वरित फल पाने के लिए इसके ज्यादा से ज्यादा पाठ करें।